मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये गलती, वरना पूरे साल पीछे पड़ जाएगी मुसीबत!

यह दिन सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का प्रतीक है, जो पॉजिटिविटी, एनर्जी और शुभ बदलाव का संकेत देता है. शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति पर किए गए काम पूरे साल खुशियां, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता ला सकते हैं.

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Princy Sharma

नई दिल्ली: मकर संक्रांति, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार सूर्य की चाल में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है. इस दिन, सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण का शुभ काल शुरू होता है. यह दिन आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और वास्तु के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई एक छोटी सी गलती भी पूरे साल पर असर डाल सकती है. इसलिए, सकारात्मकता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कुछ बातों का पालन करने की सलाह दी जाती है. यहां मकर संक्रांति 2026 पर पालन करने के लिए पांच मुख्य नियम दिए गए हैं.

दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें

मकर संक्रांति पर दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है. चूंकि सूर्य उत्तरायण में होता है, इसलिए दक्षिण की ओर जाना सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा के खिलाफ होता है. ऐसी यात्रा से काम में रुकावटें, आर्थिक नुकसान या अप्रत्याशित समस्याएं आ सकती हैं. अगर यात्रा करना जरूरी हो तो सूर्य को जल चढ़ाएं और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें. वास्तु के अनुसार, इस दिन उत्तर या पूर्व दिशा में यात्रा करना अधिक फायदेमंद होता है.

काले तिल दान न करें

संक्रांति पर तिल महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन काले तिल शनि से जुड़े होते हैं, जबकि इस दिन सूर्य का प्रभाव होता है. काले तिल दान करने से सूर्य और शनि के बीच असंतुलन पैदा हो सकता है, जिससे धन और समृद्धि प्रभावित हो सकती है. इसके बजाय, सफेद तिल, गुड़, चीनी या खिचड़ी दान करें, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलते हैं.

तामसिक भोजन से बचें

मकर संक्रांति पर शरीर और मन को शुद्ध रखना महत्वपूर्ण है. मांस, शराब, लहसुन, प्याज या भारी भोजन से बचें. सूर्य सात्विक ऊर्जा का प्रतीक है और तामसिक भोजन इसे कमजोर करता है. शुद्ध, हल्का भोजन करने से स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता बढ़ती है.

क्रोध और झूठ से दूर रहें

इस पवित्र दिन पर अच्छा व्यवहार जरूरी है. झूठ बोलने, गुस्सा करने या नकारात्मक भावनाएं रखने से बचें. सूर्य सच्चाई, अनुशासन और प्रकाश का प्रतीक है. प्यार से बोलें, शांत रहें, और पूरे साल सूर्य का आशीर्वाद पाने के लिए 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जाप करें.

दान और अनुष्ठानों में सावधानी बरतें

मकर संक्रांति पर दान करना बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन सही चीजें चुनें. काले कपड़े या काले तिल देने से बचें. इसके बजाय, सफेद कपड़े, गुड़, तिल के लड्डू या खिचड़ी दान करें. सूर्य को जल चढ़ाते समय लाल चंदन, लाल फूल और गुड़ का इस्तेमाल करें. सही अनुष्ठान और दान से खुशी, समृद्धि आती है और धन की रक्षा होती है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.