नई दिल्ली: कामिका एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है. साल 2026 में कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार यह व्रत सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को शुभ फल मिल सकते हैं.
कई लोग किसी कारण से एकादशी का व्रत नहीं रख पाते हैं. ऐसे लोग इस दिन भगवान विष्णु का ध्यान और मंत्र जाप कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार विष्णु मंत्रों का जाप मन को शांति देने और सकारात्मक भाव बढ़ाने में सहायक माना जाता है. कामिका एकादशी पर पांच मंत्रों का जाप विशेष रूप से शुभ माना गया है.
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय.
भगवान विष्णु को समर्पित इस मंत्र का जाप धार्मिक रूप से बेहद प्रभावशाली माना जाता है. मान्यता है कि इसके जाप से मन को शांति मिल सकती है और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है. कामिका एकादशी पर श्रद्धालु इस मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं.
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्.
धार्मिक मान्यता के अनुसार विष्णु गायत्री मंत्र का जाप मानसिक शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माना जाता है. एकादशी के दिन भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करने से भक्त आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं.
शांताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्. विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्.
यह भगवान विष्णु के शांत स्वरूप का ध्यान करने वाला प्रसिद्ध श्लोक है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसका जाप सुख, शांति और समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है. कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इसका जाप किया जा सकता है.
ॐ ह्रीं कार्तवीर्यार्जुनो नाम राजा बाहुसहस्रवान. यस्य स्मरणमात्रेण हृतं नष्टं च लभ्यते.
धार्मिक मान्यता में इस मंत्र का संबंध बाधाओं और अटके हुए कार्यों से जोड़ा जाता है. जिन लोगों के काम बार बार रुक रहे हों या जीवन में परेशानियां चल रही हों, वे एकादशी के दिन श्रद्धा के साथ इसका जाप कर सकते हैं.
श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव.
इस मंत्र का जाप या कीर्तन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ा माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन इसका जाप करने से मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं और भक्त सुख, शांति तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं.
कामिका एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है. हालांकि मंत्र जाप से मिलने वाले लाभ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें आस्था और आध्यात्मिक साधना के रूप में ही देखना चाहिए.