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Ganesh Chaturthi 2026: जहां धधकता है ज्वालामुखी, वहीं 700 साल से विराजमान हैं गणेशजी! जानें इस रहस्यमयी धाम की कहानी

गणेश चतुर्थी के मौके पर भारत ही नहीं, विदेशों में भी भगवान गणेश की आस्था देखने को मिलती है. इंडोनेशिया के पूर्वी जावा में माउंट ब्रोमो नाम के सक्रिय ज्वालामुखी के पास गणेशजी की करीब 700 साल पुरानी प्रतिमा स्थापित है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी 2026 की शुरुआत 14 सितंबर, सोमवार से होने जा रही है. भारत में इस दौरान घरों और पंडालों में गणपति की पूजा होगी, लेकिन बप्पा की आस्था की एक अनोखी तस्वीर इंडोनेशिया में भी देखने को मिलती है. पूर्वी जावा के माउंट ब्रोमो पर भगवान गणेश की प्रतिमा सक्रिय ज्वालामुखी के पास स्थापित है. करीब 700 साल पुरानी मानी जाने वाली यह प्रतिमा आज भी स्थानीय लोगों की श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है.

माउंट ब्रोमो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ धार्मिक मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है. यहां गणेशजी की प्रतिमा को लेकर स्थानीय तेंगर समुदाय की गहरी आस्था है. माना जाता है कि उनके पूर्वजों ने सदियों पहले इस प्रतिमा की स्थापना की थी. लोगों के लिए यह सिर्फ पत्थर की एक मूर्ति नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में भरोसे का प्रतीक है. ज्वालामुखी के खतरे के बीच गणेशजी का यहां मौजूद होना इस आस्था को और खास बना देता है.

बप्पा को मानते हैं इलाके का रक्षक

स्थानीय लोगों का विश्वास है कि गणेशजी आसपास के गांवों की रक्षा करते हैं. इसी वजह से प्रतिमा को संरक्षक के रूप में भी देखा जाता है. भक्त यहां फूल, फल और दूसरी पूजा सामग्री चढ़ाते हैं. वे इलाके की शांति और खुशहाली की कामना करते हैं. यह परंपरा लंबे समय से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही है और आज भी लोगों के धार्मिक जीवन का हिस्सा है.


तेंगर समुदाय ने संभालकर रखी परंपरा

इंडोनेशिया में हिंदू संस्कृति का इतिहास काफी पुराना है. आज देश में हिंदुओं की आबादी कम है, लेकिन बाली और जावा के कुछ हिस्सों में हिंदू परंपराओं का प्रभाव साफ दिखाई देता है. मंदिरों और धार्मिक मान्यताओं के साथ कई प्राचीन परंपराएं अब भी जीवित हैं. तेंगर समुदाय भी इसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें गणेशजी सहित हिंदू देवी-देवताओं की पूजा शामिल है.

ब्रोमो में ब्रह्मा, विष्णु और शिव की भी मान्यता

इंडोनेशिया के पर्यटन विभाग के अनुसार, ब्रोमो क्षेत्र में कई स्थानीय लोग हिंदू मान्यताओं का पालन करते हैं. यहां ब्रह्मा, विष्णु और शिव सहित हिंदू परंपरा के देवताओं की पूजा की जाती है. माउंट ब्रोमो करीब 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 2,392 मीटर है. विशाल रेत का मैदान, उठता धुआं और सूर्योदय का दृश्य इसे खास बनाते हैं.

ज्वालामुखी के बीच आस्था का अनोखा नजारा

इंडोनेशिया दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा ज्वालामुखी पाए जाते हैं. यह प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं. ऐसे इलाके में सक्रिय ज्वालामुखी के पास गणेशजी की प्रतिमा का होना अपने आप में अनोखा है. स्थानीय लोगों के लिए यह प्रतिमा खतरे के बीच उम्मीद, विश्वास और सुरक्षा की भावना से जुड़ी है.

गणेश चतुर्थी पर और बढ़ जाती है श्रद्धा

गणेश चतुर्थी भारत में भगवान गणेश को समर्पित प्रमुख पर्व है, जो भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलता है. इस दौरान बप्पा की पूजा ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि की कामना के साथ की जाती है. इंडोनेशिया में माउंट ब्रोमो की यह प्रतिमा बताती है कि गणेशजी से जुड़ी आस्था भारत की सीमाओं से कहीं आगे तक पहुंची हुई है.