कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को 'सतर्क रहने और नजर रखने' की सलाह दी. उन्होंने लिखा, 'मुझे विभिन्न स्थानों से रिपोर्ट मिल रही हैं कि जानबूझकर बिजली कटौती की जा रही है. हुगली के सेरामपुर, नादिया के कृष्णानगर, बर्दवान के औसग्राम और कोलकाता के क्षुदिराम अनुशीलन केंद्र तक, ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां चरणबद्ध तरीके से बिजली कटौती की जा रही है.
ममता ने आगे कहा 'सीसीटीवी बंद किए जा रहे हैं और वाहनों का आवागमन स्ट्रांग रूम में हो रहा है. मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान करती हूं: जिस तरह मैं हर चीज पर नजर रखने के लिए रात भर जाग रही हूं, आप भी रात भर जागकर स्ट्रांग रूम में जनता के वोटों की रक्षा करें. अगर कोई कहीं भी कोई संदिग्ध स्थिति पैदा करता है, तो उसे घेर लें, तुरंत शिकायत दर्ज कराएं और सीसीटीवी फुटेज की मांग करें. यह सब भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है.'
সতর্ক থাকুন। পাহারা দিন। রাত জাগুন। অভিযোগ করুন।
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 3, 2026
বিভিন্ন জায়গা থেকে খবর পাচ্ছি, পরিকল্পিতভাবে লোডশেডিং করে দেওয়া হচ্ছে। হুগলির শ্রীরামপুর, নদীয়ার কৃষ্ণনগর থেকে বর্ধমানের আউশগ্রাম, কলকাতার ক্ষুদিরাম অনুশীলন কেন্দ্রে এরকম ঘটনা সামনে এসেছে যেখানে দফায় দফায় লোডশেডিং করা হচ্ছে,…
पश्चिम बंगाल में 293 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरु हो गई है. जहां इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा तैनाती की गई थी और परिणाम दिवस से पहले का माहौल कटुतापूर्ण रहा, जिसमें सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोट में हेरफेर की आशंका व्यक्त की.
राज्य में दो चरणों में हुए मतदान में ऐतिहासिक 92.47% मतदान दर्ज किया गया. गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में "गंभीर चुनावी अनियमितताओं" के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया और वहां 21 मई को नए सिरे से मतदान होगा.
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार चौथी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं सीपीआई (एम) और कांग्रेस 2021 के चुनावों में मिली करारी हार के बाद अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं. हुमायूं कबीर की एजेयूपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश कर रही हैं.
प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा बल तैनात किया गया है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 200 कंपनियां विशेष रूप से मतगणना केंद्रों की सुरक्षा में लगी हैं. सुरक्षा का जिम्मा राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और सीएपीएफ के बीच विभाजित है. मतगणना केंद्रों के बाहर सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.