नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में आज एक ऐसा उलटफेर हुआ है जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है. राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी को उनके अपने ही गढ़ मानी जाने वाली भवानीपुर विधानसभा सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने 'दीदी' को 15,114 वोटों के अंतर से पराजित कर इतिहास रच दिया है.
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब सुवेंदु ने ममता बनर्जी को चुनावी मैदान में पटखनी दी है; इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता को हराया था. इस बार सुवेंदु ने भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों ही सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया है.
भवानीपुर की रणभूमि फतह करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी के तेवर काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने इस जीत को महज एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि एक वैचारिक विजय करार दिया. सुवेंदु ने कहा, 'ममता बनर्जी को हराना राज्य के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक था. पिछली बार उन्हें नंदीग्राम में धूल चटाई थी और इस बार उनके अपने घर भवानीपुर में मात दी है.' उन्होंने ध्रुवीकरण का स्पष्ट संकेत देते हुए दावा किया कि जहां ममता को मुस्लिम मतदाताओं ने खुलकर समर्थन दिया, वहीं हिंदू, सिख और अन्य समुदायों ने एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया. उन्होंने आगे कहा कि यह जीत हिंदुत्व की जीत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जीत है और सबसे बढ़कर बंगाल की जनता की जीत है.
भवानीपुर के अलावा सुवेंदु अधिकारी ने अपने पैतृक और राजनीतिक दुर्ग नंदीग्राम में भी अपनी बादशाहत बरकरार रखी है. यहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और अपने पूर्व सहयोगी पवित्र कर को 9,500 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया. टीएमसी ने रणनीतिक चाल चलते हुए सुवेंदु के बेहद करीबी रहे पवित्र कर को ऐन वक्त पर मैदान में उतारा था ताकि अधिकारी के वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके, लेकिन नंदीग्राम के मतदाताओं ने एक बार फिर अपने पुराने नेता पर ही भरोसा जताया.
भवानीपुर मतगणना केंद्र के भीतर वोटों की गिनती के दौरान मुकाबला काफी कड़ा रहा और बढ़त लगातार पाला बदलती रही. 14वें राउंड की समाप्ति तक ममता बनर्जी ने कड़ी मेहनत कर 3,830 वोटों के बड़े अंतर को सफलतापूर्वक कम कर लिया था, जिससे टीएमसी कार्यकर्ताओं में जीत की उम्मीद जाग उठी थी. हालांकि, 16वें राउंड की गिनती शुरू होते ही पासा पूरी तरह पलट गया. इस दौर में सुवेंदु अधिकारी ने 53,932 वोट हासिल कर निर्णायक बढ़त बना ली और अंततः मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मुकाबले से बाहर कर दिया.
मतगणना केंद्र पर परिणाम घोषित होने से पहले ही तनाव अपने चरम पर महसूस किया जा सकता था. जैसे ही ममता बनर्जी की हार की खबर पुख्ता हुई, केंद्र के बाहर भाजपा समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा. जब मुख्यमंत्री केंद्र से बाहर निकलीं, तो वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उन्हें घेर लिया.