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India Daily

पश्चिम बंगाल-तमिलनाडु में टूटे मतदान के सारे रिकॉर्ड, बंपर वोटिंग से किस पार्टी को होगा फायदा? समझें पूरा गणित

बंगाल में जहां पहले चरण में कुल 294 सीटों में से 152 सीटों के लिए 91.35% मतदान हुआ वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के लिए रिकॉर्ड 84.29% मतदान हुआ.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पश्चिम बंगाल-तमिलनाडु में टूटे मतदान के सारे रिकॉर्ड, बंपर वोटिंग से किस पार्टी को होगा फायदा? समझें पूरा गणित
Courtesy: ANI

पश्चिम बंगाल में विधानसभा के पहले चरण के लिए और तमिलनाडु में सभी सीटों के लिए मतदान गुरुवार को बंपर वोटिंग के साथ समाप्त हो गया. बंगाल में जहां पहले चरण में कुल 294 सीटों में से 152 सीटों के लिए 91.35% मतदान हुआ वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के लिए रिकॉर्ड 84.29% मतदान हुआ. दोनों राज्यों में इतिहास में पहली बार सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है. हालांकि चुनाव आयोग के ये आंकड़े शाम 5 बजे तक के हैं. इसके बाद आंकड़ों में बदलाव हो सकता है.

दोनों राज्यों में टूटे मतदान के सारे रिकॉर्ड

इस बंपर वोटिंग को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अच्छा बताया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने SIR के खिलाफ वोटिंग की है. वहीं बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि टीएमसी का सूरज ढल चुका है. इससे पहले असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. असम के इतिहास में सबसे ज्यादा 85.91%, पुडुचेरी में 90% और केरलम में 1987 के बाद सबसे 78.27% वोटिंग हुई थी. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को जारी किए जाएंगे.

बंपर वोटिंग से किस पार्टी को होगा ज्यादा फायदा

बात अगर पश्चिम बंगाल की करें तो यह देश के उन राज्यों में है जहां वोटिंग का प्रतिशत हमेशा से बहुत ज्यादा रहता है. साल 2021 में भी यहां हाई वोटिंग हुई थी और उसका फायदा टीएमसी को मिला था.

बंगाल में जब ग्रामीण, महिला और गरीब वर्ग बड़ी संख्या में वोट डालता है तो इसका फायदा टीएमसी को होता है क्योंकि उसकी वेलफेयर योजनाओं का असर इन वर्गों में ज्यादा है. 

वहीं जब शहरी वोटर ज्यादा निकलता है, या एंटी इंकंबेंसी (सरकार के खिलाफ गुस्सा) ज्यादा हो, या नए वोटर यानी पहली बार वोट डालने वाले सक्रिय हों तो इसका फायदा बीजेपी को मिलता है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में यही हुआ था जब बीजेपी ने बंगाल में सीटों की संख्या के मामले में बड़ा उछाल दर्ज किया था.

इस बार वोटिंग सबसे ज्यादा हुई है लेकिन इसके साथ कुछ बड़े फैक्टर भी हैं जैसे वोटर लिस्ट में बदलाव (SIR), ध्रुवीकरण, और रोजगार और सुरक्षा जैसे स्थानीय मुद्दे. इस बार वोटिंग लिस्ट में हुए बदलाव को हार जीत के लिहाज से बड़ा मुद्दा माना जा रहा है. अब इसका फायदा किसे मिलेगा यह 4  मई को ही पता चलेगा लेकिन SIR प्रक्रिया में सबसे ज्यादा वोट मुसलमानों के ही कटे थे. ऐसे में बंगाल में ज्यादा वोटिंग होने से बीजेपी को फायदा मिलने के आसार हैं.