मरीजों के बनाता था गंदे-गंदे वीडियो...! औरतों ने चप्पलों से कर डाली धुनाई, सुजा डाला शरीर
मुंबई के बालासाहेब ठाकरे अस्पताल से एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ महिलाएं एक युवक की पिटाई करती नजर आ रही हैं. युवक पर अस्पताल में मरीजों के अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया है.
मुंबई के बालासाहेब ठाकरे अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ महिलाएं एक युवक की पिटाई करती दिखाई दे रही हैं. दावा किया जा रहा है कि युवक अस्पताल के अंदर मरीजों के अश्लील वीडियो बना रहा था और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है. साथ ही अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और निजता को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
युवक को चप्पलों से मारती दिखीं महिलाए
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं एक युवक को घेरकर थप्पड़ और चप्पलों से मार रही हैं. वीडियो में युवक को बचने की कोशिश करते हुए भी देखा गया. कुछ महिलाओं के हाथों में चप्पलें नजर आ रही हैं और वह युवक पर लगातार हमला करती दिखाई दे रही हैं. वीडियो में मौजूद लोगों की भीड़ भी काफी नाराज नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि युवक पर आरोप था कि वह अस्पताल में भर्ती मरीजों के अश्लील वीडियो बना रहा था. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
अस्पताल में मचा हड़कंप
घटना सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया. वहां मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया और फिर महिलाओं ने उस पर हमला कर दिया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बाद में युवक को अधिकारियों के हवाले कर दिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि पुलिस या अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोग लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई यूजर्स ने कहा कि अस्पताल जैसी जगहों पर मरीजों की निजता और सम्मान सबसे ज्यादा जरूरी होता है. कुछ लोगों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. वहीं कई यूजर्स ने कहा कि अगर आरोप सही हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कानून अपने हाथ में लेना सही नहीं है और मामले की जांच पुलिस को करनी चाहिए.