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महिला ने एक झटके में छोड़ी लाखों की सरकारी नौकरी, बताई ये बड़ी वजह

भारत में सरकारी नौकरी का क्रेज आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन एक महिला ने अपनी लाखों की सरकारी नौकरी को एक छटके में छोड़ दिया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
महिला ने एक झटके में छोड़ी लाखों की सरकारी नौकरी, बताई ये बड़ी वजह
Courtesy: X

भारत में सरकारी नौकरी को आर्थिक सुरक्षा और नियमित आमदनी का मजबूत जरिया माना जाता है. ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक योजना के नौकरी छोड़ना आसान फैसला नहीं होता. हालांकि, प्रिया नाम की एक महिला ने एक झटके में अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी लेकिन अब वह डरी हुई है. वह इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उनका फैसला सही था या नहीं. उन्होंने X पर अपनी भावनाएं शेयर कीं, जिसके बाद उनकी पोस्ट चर्चा में आ गई.

'अब मुझे डर लग रहा है'

प्रिया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने केंद्रीय सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के लिए आवेदन दे दिया है, लेकिन उन्हें अब भी समझ नहीं आ रहा कि कहीं यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती तो नहीं है. उन्होंने बताया कि ऐसी नौकरी छोड़ना मुश्किल होता है, जिसे दूसरे लोग एक अच्छा अवसर मानते हैं.

उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना ऐसी बस में सफर करने से की, जिसके गलत दिशा में जाने का एहसास बीच रास्ते में हो. उतरने का मन तो करता है, लेकिन टिकट के पैसे खर्च हो चुके होते हैं और बाकी यात्री सफर जारी रखते हैं. ऐसे में आगे कहां जाना है, यह भी पता नहीं होता. प्रिया के मुताबिक, वह फिलहाल खुद को इसी स्थिति में महसूस कर रही हैं.

अच्छी सैलरी के बावजूद क्यों छोड़ी नौकरी?

प्रिया ने बताया कि उनकी नौकरी से हर महीने वेतन मिलता था और जिंदगी काफी हद तक निश्चित थी. इसके बावजूद वह खुद को अगले पांच या दस साल तक उसी पद पर काम करते हुए नहीं देख पा रही थीं. इसी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया. हालांकि, अब भविष्य को लेकर उन्हें डर लग रहा है और कभी-कभी वह सोचती हैं कि कहीं उन्होंने जल्दबाजी तो नहीं कर दी.

माता-पिता को नहीं बताई इस्तीफे की बात

प्रिया ने यह भी बताया कि उन्होंने अभी तक अपने माता-पिता को नौकरी छोड़ने के फैसले के बारे में नहीं बताया है. उनके माता-पिता की उम्र 60 साल से ज्यादा है. उन्हें चिंता है कि यह खबर सुनकर उनके माता-पिता परेशान हो सकते हैं. नौकरी छोड़ने के बाद भविष्य की अनिश्चितता और परिवार की चिंता ने उनके लिए इस फैसले को और मुश्किल बना दिया है.

अपनी पोस्ट के आखिर में प्रिया ने सवाल उठाया कि अगर किसी को लगता है कि वह गलत दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो सिर्फ इस डर से उसी रास्ते पर कितने समय तक चलते रहना चाहिए कि आगे कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलेगा. उनके मुताबिक, एक परिचित और सुरक्षित जिंदगी में बने रहना भी कभी-कभी उतना ही मुश्किल हो सकता है, जितना अनिश्चित भविष्य की ओर कदम बढ़ाना.

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

प्रिया की पोस्ट पर कई यूजर्स ने उन्हें अपने फैसले पर भरोसा रखने की सलाह दी. एक यूजर ने लिखा कि फैसला सही है या गलत, इसका आकलन करने का सबसे ज्यादा अधिकार उसी व्यक्ति को है जिसने वह फैसला लिया है.

एक अन्य यूजर ने जापानी कहावत का हवाला देते हुए कहा कि अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ गए हैं, तो जितनी जल्दी हो सके उतर जाना बेहतर है. हालांकि, कई लोग इस डर से ऐसा नहीं कर पाते कि उन्हें सही रास्ता मिलेगा या नहीं.

एक अन्य यूजर ने उम्मीद जताई कि कुछ साल बाद प्रिया इस दिन को याद करके मुस्कुराएंगी. वहीं, एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसने भी एक साल पहले ऐसी ही स्थिति में नौकरी छोड़ी थी. उसके मुताबिक, आगे का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन अनिश्चितता ने उसे नए अवसर तलाशने का मौका दिया. उसने प्रिया को समान सोच वाले लोगों से जुड़ने और अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी.