कौन हैं जय सिंह राठौर? मदद के नाम पर जुटाए 1.5 लाख, फिर ऐसे खुला फर्जी दस्तावेजों का राज

जय सिंह राठौर की बहन की आंखों की सर्जरी के नाम पर X पर आर्थिक मदद मांगी गई थी और कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जुटाए गए.

@ABHISHEKSINGTHK X Account
Km Jaya

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन दिनों Jay Singh Rathore का नाम चर्चा में है. अपनी बहन की आंखों की सर्जरी के लिए आर्थिक मदद मांगने वाली एक पोस्ट के बाद यह मामला तेजी से वायरल हुआ. लोगों ने भरोसा करके उसे 1.5 लाख रुपये से ज्यादा की रकम दान कर दी. 

बाद में मेडिकल दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठे, जिसके बाद पूरा मामला संदिग्ध हो गया. जय सिंह राठौर ने X पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपनी बहन की आंखों की सर्जरी के लिए आर्थिक मदद मांगी थी. पोस्ट देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मदद के तौर पर पैसे भेजे. 


लोगो का बढ़ा शक

कुछ ही समय में कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये से अधिक की रकम जमा हो गई. हालांकि इसके बाद कुछ यूजर्स ने पोस्ट में लगाए गए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की. दस्तावेजों में कथित तौर पर कई कमियां दिखाई देने के बाद लोगों का शक बढ़ गया.

Shroff Eye Centre के नाम पर फर्जी दस्तावेज का आरोप

मामला जिस अस्पताल के दस्तावेजों से जुड़ा था, उसने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. Shroff Eye Centre ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि उसके लेटरहेड और दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर फर्जी पर्चियां तैयार की गई थीं. अस्पताल के मुताबिक, संबंधित मरीज वहां इलाज नहीं करा रहा था.

अस्पताल की इस सफाई के बाद सोशल मीडिया पर जय सिंह राठौर के खिलाफ गुस्सा और बढ़ गया. यूजर्स ने इसे लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर पैसे जुटाने का मामला बताया.

X Spaces में रोते हुए दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद जय सिंह राठौर ने X Spaces के जरिए अपनी सफाई देने की कोशिश की. इस दौरान वह भावुक होकर रोते हुए दिखाई दिया और अपनी गलती स्वीकार करने की बात कही.

हालांकि, इस दौरान उसकी ओर से एक और दावा सामने आया. उसने कहा कि जुटाए गए पैसे उसकी बहन की आंखों के इलाज के लिए नहीं, बल्कि उसके बीमार पिता के इलाज के लिए थे. इस बयान के बाद भी सोशल मीडिया यूजर्स के सवाल खत्म नहीं हुए.

रिफंड के स्क्रीनशॉट भी किए शेयर

दानदाताओं ने जब पैसे वापस करने की मांग की तो जय सिंह राठौर की ओर से रिफंड के स्क्रीनशॉट शेयर किए जाने लगे. एक यूजर द्वारा साझा किए गए बैंक स्क्रीनशॉट में उसके खाते से कुछ रकम कम होने की बात सामने आई, जिससे कुछ लोगों को रिफंड किए जाने के संकेत मिले.

हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए स्क्रीनशॉट और दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है. ऐसे मामलों में बैंक रिकॉर्ड या आधिकारिक जांच ही यह स्पष्ट कर सकती है कि कुल कितनी रकम मिली और कितनी वापस की गई.

Raniisaa पर भी उठे सवाल

इस मामले में एक अन्य X यूजर @Raniisaa का नाम भी चर्चा में आया. आरोप लगाया गया कि उन्होंने जय सिंह राठौर की मदद वाली पोस्ट को प्रमोट किया था. हालांकि, Raniisaa ने इन आरोपों से खुद को अलग करते हुए पोस्ट कर जय सिंह राठौर से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया. फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और यूजर्स जय सिंह राठौर से पूरे मामले पर जवाब मांग रहे हैं. किसी व्यक्ति पर धोखाधड़ी का आरोप साबित होने के लिए आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के नतीजे जरूरी होते हैं.