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फुटबॉल मैच हारे तो आग-बबूला हुआ टीचर, लाइन में बिठा कर पूरी टीम को पीटा, वायरल हुआ वीडियो तो मचा हड़कंप

Tamilnadu Viral Video: तमिलनाडु के सलेम में एक स्कूल के फिजिकल एजुकेशन टीचर ने फुटबॉल मैच हारने पर बच्चों को बेरहमी से पीटा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है.

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India Daily Live

Tamilnadu Viral Video: तमिलनाडु के सलेम से एक बेहद ही शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां एक प्राइवेट स्कूल के फिजिकल एजुकेशन टीचर ने फुटबॉल मैच हारने पर बच्चों को बुरी तरह पीटा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें टीचर बच्चों को लात मारते, थप्पड़ मारते और उनके बाल खींचते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है.

जानें क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मैच हारने के बाद टीचर अन्नामलाई ने बच्चों को जमीन पर बिठाया और फिर एक-एक कर उन्हें गालियां देते हुए पीटा. वह बच्चों को उनकी गलतियों के लिए डांट रहा था और फिर उन्हें थप्पड़ मार रहा था. इस दौरान कुछ बच्चों के बाल भी खींचे गए. स्कूल के अन्य बच्चे और टीचर भी इस घटना के दौरान मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बच्चों को बचाने की कोशिश नहीं की.

मामला उठा तो टीचर को किया सस्पेंड

यह वीडियो 10 अगस्त से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने इस वीडियो को शेयर किया था. वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीचर अन्नामलाई को सस्पेंड कर दिया. सलेम के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) एम. कबीर ने बताया कि टीचर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

22 साल से स्कूल में काम कर रहा था

अन्नामलाई पिछले 22 सालों से इस स्कूल में फिजिकल एजुकेशन का टीचर था. स्कूल प्रशासन का कहना है कि इस घटना से स्कूल की छवि खराब हुई है. अन्नामलाई ने अपनी इस हरकत के लिए माफी मांगी है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया है.

SFI ने उठाया मुद्दा

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने इस घटना की निंदा करते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. SFI का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या स्कूलों में बच्चों के साथ शारीरिक शोषण की घटनाएं आम हो गई हैं?
  • क्या शिक्षक बच्चों को डराने धमकाने के लिए ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं?
  • क्या स्कूल प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहा है?
  • क्या होना चाहिए?

इस घटना से यह साफ हो जाता है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है. शिक्षकों को बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण करने से रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए. साथ ही, स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए. 

यह घटना हमें याद दिलाती है कि शिक्षकों की भूमिका सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भी काम करना चाहिए. बच्चों को डराने और धमकाने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए.