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India Daily

'लाउड हरियाणवी संगीत, अर्धनग्न डांस और हुक्का...', सोनमर्ग की शांत वादियों में युवकों का उत्पात; वीडियो देखकर भड़के लोग

सोनमर्ग में बर्फीले पहाड़ों के बीच कुछ युवकों का अर्धनग्न होकर डांस और हुक्का लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद कश्मीर घाटी में नाराजगी फैल गई है. इसे स्थानीय संस्कृति और शांति के खिलाफ बताया जा रहा है.

Kanhaiya Kumar Jha
'लाउड हरियाणवी संगीत, अर्धनग्न डांस और हुक्का...', सोनमर्ग की शांत वादियों में युवकों का उत्पात; वीडियो देखकर भड़के लोग
Courtesy: X/@NayaBharatHoon

नई दिल्ली: कश्मीर की सुन्दर वादियों में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग से सामने आए एक वायरल वीडियो ने घाटी में बहस और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है. बर्फ से ढकी सुंदर वादियों के बीच कुछ युवकों को बिना शर्ट के हरियाणवी गाने ‘जाटा का छोरा’ पर नाचते, तेज संगीत बजाते और हुक्का लहराते देखा गया. यह वीडियो पिछले सप्ताह रिकॉर्ड किया गया था और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते ही राजनीतिक नेताओं से लेकर आम लोगों तक की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं.

वीडियो में दिख रहे युवक सड़क पर नाचते हुए यातायात रोकते नजर आते हैं. शांत और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाने जाने वाले सोनमर्ग में इस तरह का व्यवहार कई लोगों को खटक गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकतें न केवल पर्यटन स्थल की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि वहां घूमने आए परिवारों और बुजुर्गों को भी असहज करती हैं.

सेना के पूर्व अधिकारी की कड़ी प्रतिक्रिया

लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस वीडियो को लेकर कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने लिखा कि कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए भारतीय सैनिकों और नागरिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है. उन्होंने ऐसे व्यवहार को असभ्य बताते हुए कहा कि कश्मीर इन लोगों के बिना कहीं अधिक सुंदर है. उनकी टिप्पणी को काफी समर्थन मिला.

राजनीतिक नेताओं की नाराजगी

राजनेता इमरान रजा अंसारी ने भी इस घटना को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि कश्मीर हमेशा पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करता रहा है, लेकिन मौज मस्ती के नाम पर हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने सड़क पर नाचने, ट्रैफिक रोकने और राहगीरों को परेशान करने जैसी हरकतों की कड़ी निंदा की.

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. कई यूजर्स ने इसे शून्य नागरिक समझ का उदाहरण बताया. लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल निजी खेल का मैदान नहीं होते. महिलाओं, परिवारों और शांति की तलाश में आए पर्यटकों के लिए इस तरह का माहौल डर और अव्यवस्था पैदा करता है.