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'असली पाप...', ऋषिकेश में गंगा किनारे महिला ने फेका पूजा का कचरा, विदेशी टूरिस्ट ने लगाई डांट, देखें वीडियो

ऋषिकेश में गंगा किनारे पूजा का कचरा फेंकने की घटना का वीडियो वायरल हो गया है. एक विदेशी पर्यटक के विरोध के बाद सोशल मीडिया पर पर्यावरण और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है.

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Babli Rautela

उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा किनारे एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. एक विदेशी पर्यटक ने एक महिला को गंगा के किनारे पूजा का कचरा फेंकने से रोकने की कोशिश की है.  यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच पर्यावरण और जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई.

वीडियो को Sierra Lillian नाम की विदेशी महिला ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इसमें देखा गया कि एक महिला रेत में गड्ढा खोदकर पूजा का कचरा दबा रही थी. इस कचरे में प्लास्टिक जैसी ऐसी चीजें भी शामिल थीं जो आसानी से नष्ट नहीं होतीं. पर्यटक ने महिला से सवाल किया कि वह ऐसा क्यों कर रही है. लेकिन महिला ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया. इस पर पर्यटक ने नाराजगी जताई और कहा कि लोग इस पवित्र जगह का सम्मान नहीं कर रहे.

गंगा में पूजा का कचरा डालने पर विवाद

गंगा रिवर को भारत में सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि आस्था और जीवन का प्रतीक माना जाता है. हर साल लाखों लोग यहां पूजा करने आते हैं. लेकिन बढ़ती भीड़ और लापरवाही के कारण नदी में कचरा भी तेजी से बढ़ रहा है. खासकर पूजा से जुड़ा कचरा जैसे फूल, प्लास्टिक और अन्य सामग्री नदी को नुकसान पहुंचा रहे हैं. वीडियो शेयर होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. अबतक वीडियो पर 15 लाख से ज्यादा व्यूज, 60 हजार से ज्यादा लाइक्स और 2300 से ज्यादा कमेंट आ गए हैं.

वायरल वीडियो पर लोगों के रिएक्शन

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स इसपर रिएक्ट करने के लिए कमेंट सेक्शन में कूद गए. कुछ लोगों ने विदेशी महिला की तारीफ की और कहा कि उन्होंने सही मुद्दा उठाया. वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की है. कई लोगों ने सरकार से सख्त नियम और जागरूकता अभियान की मांग की.

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने समाधान भी बताए. किसी ने कहा पूजा के फूल और माला को मिट्टी में दबाकर खाद बनाया जा सकता है. वहीं दूसरे ने कहा,  प्लास्टिक और गैर गलने वाली चीजों को अलग से फेंकना चाहिए. किसी ने बताया कि नदी किनारे कूड़ेदान और रिसाइक्लिंग सिस्टम बढ़ाना चाहिए. एक यूजर ने बताया कि उनका दोस्त पिछले 20 सालों से नदी की सफाई कर रहा है और हजारों किलो कचरा निकाल चुका है.