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'रसगुल्ले की सब्जी' देखकर लोगों ने पकड़ लिया माथा, वायरल वीडियो पर लोगों के कमेंट पढ़ हो जाएंगे लोटपोट

आज हम आपके लिए एक नई और शानदार डिश लेकर आए है जो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही है. आप हमारी बात पर यकीन कर सकते हैं कि ये सब्जी आपने पहले ना कभी खाई होई और न कभी इसका नाम सुना होगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'रसगुल्ले की सब्जी' देखकर लोगों ने पकड़ लिया माथा, वायरल वीडियो पर लोगों के कमेंट पढ़ हो जाएंगे लोटपोट
Courtesy: @saikatchakrabortyyy

हाइलाइट्स

रोज-रोज वही आलू, टमाटर, मटर, गोभी, पालक की सब्जी खा-खाकर परेशान हो गए हैं तो आज हम आपकी परेशानी दूर कर देते हैं. आज हम आपके लिए एक नई और शानदार डिश लेकर आए है जो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही है. आप हमारी बात पर यकीन कर सकते हैं कि ये सब्जी आपने पहले ना कभी खाई होई और न कभी इसका नाम सुना होगा.

रसगुल्ला की सब्जी

ये है 'रसगुल्ले की सब्जी'. क्या नाम सुनते ही आपकी जीभ टपकने लगी. ऐसा हो भी क्यों न सब्जी इतनी लजीज और नई जो है. रसगुल्ले की इस सब्जी को @saikatchakrabortyyy  इंस्टाग्राम नाम के यूजर ने शेयर किया है. कुछ लोग इस वीडियो को देखकर माथा पकड़ रहे हैं जबकि कुछ कह रहे हैं कि वे इस सब्जी को एक बार जरूर ट्राई करना चाहेंगे.

वहीं वीडियो शेयर करने वाले शख्स ने  लिखा कि कृपया किसी बंगाली को इस तरह से आहत न करें. कुछ लोग तो इस वीडियो को देखकर सदमें में हैं. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह महज एक वीडियो नहीं है इस तरह की सब्जी हकीकत में बनाई जाती है और इसका स्वाद बहुत ही अच्छा लगता है. इस रसगुल्ले की सब्जी को लेकर लोगों की अलग-अलग रहा है लेकिन आपसे प्रार्थना है कि आप बिना इसका स्वाद लिए इसको लेकर अपनी राय ना बनाएं. पहले इसका स्वाद लें और फिर बताएं कि रसगुल्ले की यह सब्जी आपको पसंद आई या नहीं.

खाने को लेकर नए-नए एक्सपेरिमेंट

खाने को लेकर एक्सपेरिमेंट करने का एक लंबा इतिहास रहा है और ज्यादातर मामलों में ये शोध कामयाब ही रहे हैं.

रसगुल्ले का इतिहास

रसगुल्ले के आविष्कार को लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच में विवाद है. ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इसका आविष्कार 15वीं शताब्दी में ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर में क्षीरमोहन के रूप में हुआ ता जिसे बाद में 1868 में कोलकाता में नबीन चंद्र दास ने आधुनिक स्पंजी रसगुल्ला के रूप में लोकप्रिय बनाया. 2017-2019 में दोनों राज्यों को अलग-अलग जीआई टैग मिला है.