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'हलवा-पूरी OUT, मैगी-बर्गर IN', नवरात्रि कंजक में बच्चों की थाली में परोसा गया मॉडर्न भोग; वीडियो वायरल

नवरात्रि के दौरान पारंपरिक हलवा-पूरी की जगह मैगी और मिनी बर्गर परोसे जाने का वीडियो वायरल हो गया है. इस आधुनिक कंजक भोज ने सोशल मीडिया पर परंपरा बनाम पसंद की नई बहस छेड़ दी है.

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Kuldeep Sharma

चैत्र नवरात्रि में जहां घर-घर हलवा, पूरी और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है, वहीं इस बार एक परिवार की अनोखी पहल ने इंटरनेट पर नई चर्चा शुरू कर दी है. कंजक पूजन में बच्चों को मैगी और मिनी बर्गर परोसने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. कुछ लोग इसे बच्चों की पसंद को महत्व देने जैसा आधुनिक बदलाव मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों से दूर जाने की आलोचना मान रहे हैं. लेकिन इस बदलाव ने बहस के नए दरवाजे खोल दिए हैं.

परंपरा से हटकर आधुनिक कंजक भोज

वीडियो में एक परिवार कंजक पूजा के दौरान कन्याओं को हलवा-पूरी की जगह मैगी और मिनी बर्गर परोसता दिखा. बच्चों की थालियों में आधुनिक फूड देखकर वे बेहद खुश दिखाई दीं. परिवार का कहना है कि आज की पीढ़ी वही प्रसाद अधिक आनंद से ग्रहण करती है, जिसे वे पसंद करती हैं. उनके मुताबिक, पूजा का मूल भाव कन्याओं को प्रसन्न करना है, न कि भोजन के प्रकार को लेकर कठोर होना.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल वीडियो

यह वीडियो कुछ ही घंटों में हजारों शेयर और लाखों व्यूज के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने इसे ‘नई पीढ़ी का कंजक भोज’ करार दिया. खास बात यह रही कि वीडियो में कन्याओं की खुशी साफ झलकती है. यह दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है और इसी वजह से वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

यहां देखें वीडियो

 

समर्थन करने वालों की दलील

कई यूजर्स का मानना है कि भोग वही है जो प्रेम और खुशी से दिया जाए. उनका कहना है कि बच्चे अगर प्रसाद को उत्साह से खाएं, तो पूजा और भी सफल मानी जाती है. समर्थकों ने यह भी लिखा कि परंपराओं का स्वरूप बदल सकता है, क्योंकि समय और पीढ़ियां बदलती रहती हैं. ऐसे लोग इसे ‘इनोवेशन’ और ‘नई सोच’ बताते हैं.

विरोध करने वालों की चिंता

वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे परंपराओं से खिलवाड़ बता रहे हैं. उनका कहना है कि कंजक पूजन का आधार सदियों से चले आ रहे व्यंजन हैं, जिन्हें अचानक बदलना उचित नहीं है. कुछ ने मैगी और बर्गर जैसे खाद्य पदार्थों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए उनकी आलोचना की. विरोध करने वालों का तर्क है कि धार्मिक परंपराएं आधुनिकता के नाम पर कमजोर नहीं की जानी चाहिए.

बहस के बीच बच्चों की मुस्कान बनी केंद्र

हालांकि पूरे विवाद के बीच एक बात पर सभी की नजर टिकी रही- कन्याओं की सच्ची मुस्कान. वीडियो में बच्चे उत्साहित होकर मैगी और बर्गर खाते दिखाई देते हैं. इसने कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या पूजा में भोजन से ज्यादा महत्वपूर्ण बच्चों की खुशी नहीं होनी चाहिए. विवाद कितने भी हों, यह दृश्य लोगों के दिल को छू गया.