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सोते-सोते शख्स को नौकरी के लिए मिले 50 इंटरव्यू, आखिर कैसे? जानकर चौंक जाएंगे आप

शख्स ने कहा कि जब वह सो रहा था उस समय इस बॉट ने उसके लिए न केवल रिज्यूम बनाए बल्कि नौकरियों के लिए आवेदन भी कर दिया, जिससे उसे मात्र एक ही महीने में इंटरव्यू के लिए 50 कॉल आए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सोते-सोते शख्स को नौकरी के लिए मिले 50 इंटरव्यू, आखिर कैसे? जानकर चौंक जाएंगे आप
Courtesy: pinterest

एक शख्स ने दावा किया है कि उसे सोते-सोते नौकरी के लिए 50 इंटरव्यू कॉल आए. उसके इस दावे के पीछे की वजह भी बेहद खास है जिसने सभी को चौंका दिया है. शख्स ने कहा है कि उसने अपने लिए नौकरी खोजने के लिए एक AI बॉट बनाया है. शख्स ने कहा कि जब वह सो रहा था उस समय इस बॉट ने उसके लिए न केवल रिज्यूम बनाए बल्कि नौकरियों के लिए आवेदन भी कर दिया, जिससे उसे मात्र एक ही महीने में इंटरव्यू के लिए 50 कॉल आए. शख्स के इस खुलासे ने भर्ती प्रक्रियाओं में एआई के इस्तेमाल की नैतिकता और निष्पक्षता पर बहस छेड़ दी है.

AI के इस्तेमाल के बचाव पर क्या बोला शख्स

हालांकि शख्स ने नौकरी खोजने में एआई बॉट के इस्तेमाल का यह कहते हुए बचाव किया है कि कंपनियां पहले से ही रिज्यूम स्कैन करने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं.

शख्स ने कहा, 'नौकरी के आवेदनों के लिए ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करना गलत नहीं है और इससे बेहतर अवसर मिल सकते हैं. मैंने एआई बॉट बनाया है जो उम्मीदवारों की जानकारी का विश्लेषण करता है, नौकरी की डिटेल्स की जांच करता है. हर नौकरी के लिए अलग-अलग कवर लेटर और सीवी तैयार करता है और नियोक्ता द्वारा पूछे गए विशिष्ट प्रश्नों के उत्तर देता है और अपने आप नौकरी के लिए आवेदन करता है.'

AI बॉट ने कैसे चुनीं नौकरियां

एआई बॉट ने नौकरी के विज्ञापनों का अध्ययन किया और उसके अनुसार उसका सीवी और कवर लेटर तैयार किया. इसने आवेदन संबंधी प्रश्नों के उत्र भी दिए और शख्स की ओर से फॉर्म जमा किए. शख्स ने दावा किया कि जब एआई बॉट अलग-अलग पदों के लिए उसका रिज्यूम बना रहा था, उस समय वह सो रहा था और इस तकनीक के दम पर उसे एक महीने में 50 इंटरव्यू देने में मदद की. शख्स ने कहा कि एआई बॉट ने अलग-अलग नौकरी के हिसाब से जो रिज्यूम और कवर लेटर बनाए उसका बहुत बड़ा फर्क पड़ा.

क्या कह रहे लोग

नौकरी पाने के लिए शख्स द्वारा इस्तेमाल किए गए एआई बॉट को लेकर लोग मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ लोगों ने उसकी इस सोच को स्मार्ट और कारगर बताया जबकि कुछ लोगों ने भर्ती में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई.