पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बीजेपी को तो जिताया ही है, साथ ही हिंदुत्व की भावना को भी संबल दिया है. बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद बाबा बागेश्वर का एक पुराना वीडियो अचानक सुर्खियों में आ गया है. वीडियो में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वे उस समय की बात कर रहे हैं जब उन्हें राज्य में कथा करने की अनुमति नहीं मिली थी. अब बीजेपी की बड़ी जीत के बाद लोग इस वीडियो को नए कॉन्टेक्स्ट से जोड़कर देख रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बीजेपी ने 293 में से 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. वहीं एक सीट पर 21 मई को मतदान होगा जिसका रिजल्ट 24 मई आएगा. इस नतीजे के बाद राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. इसी बीच बाबा बागेश्वर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने इस जीत को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. कई लोग इसे बदलते राजनीतिक माहौल से जोड़कर देख रहे हैं और इसे प्रतीकात्मक तौर पर पेश कर रहे हैं.
वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोलत हैं कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में कथा करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि एक बार रोक देने से वे अपना काम नहीं छोड़ेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि जब समय बदलेगा तब वे फिर से वहां जाएंगे. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे समय के बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे केवल एक संयोग मान रहे हैं. उनका यह बयान अब चुनावी नतीजों के बाद चर्चा का विषय बन गया है.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री देश ही नहीं विदेशों में भी कथा और धार्मिक प्रवचन के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने नागपुर में एक बड़ा आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. इसके अलावा वे ऑस्ट्रेलिया भी गए थे, जहां कैनबरा, पर्थ और सिडनी में उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए थे. उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और बड़ी संख्या में लोग उनके कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं.
बाबा बागेश्वर लंबे समय से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की बात करते रहे हैं. उन्होंने कई मंचों पर यह कहा है कि देश में बड़ी आबादी में हिंदू रहते हैं इसलिए इस दिशा में विचार होना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने इतिहास को लेकर भी अपनी राय रखी है और कुछ ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के मूल्यांकन पर सवाल भी खड़े किए हैं.