ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ मंदिर एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह कोई पर्व या अनुष्ठान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो है. इस वीडियो में मंदिर के शिखर के ऊपर पक्षियों का एक झुंड मंडराता नजर आ रहा है. जैसे ही यह वीडियो सामने आया, लोगों के बीच बेचैनी और जिज्ञासा दोनों बढ़ गई. कई लोग इसे सामान्य दृश्य मान रहे हैं, जबकि आस्था से जुड़े लोग इसे गंभीर संकेत बता रहे हैं.
जगन्नाथ मंदिर को लेकर वर्षों से यह मान्यता रही है कि इसके शिखर के ऊपर कोई भी पक्षी उड़ान नहीं भरता. इसी वजह से मंदिर के ऊपर से विमानों की उड़ान पर भी प्रतिबंध है.
पक्षियों के झुंड के दिखने से लोगों में खौफ का माहौल है. पौराणिक कथाओं और लोक मान्यताओं से जुड़े लोग इसे शुभ या अशुभ संकेतों से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है.
What Is This 😨 ⭕❗⭕#JaiJagannatha #JagannathTemple #Jagannath #Puri #Odisha pic.twitter.com/zPqixB4KeB
— ECHOES OF SANATAN (@jai_maa_durge) December 10, 2025Also Read
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जगन्नाथ मंदिर का शिखर एक रहस्यमयी क्षेत्र माना जाता है. कहा जाता है कि यहां की बनावट और वातावरण ऐसा है कि पक्षी मंदिर के ऊपर नहीं उड़ते. यही वजह है कि वायरल वीडियो में दिखा दृश्य लोगों को असामान्य लगा. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे अपशकुन बताते हुए चिंता जताई, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या यह वाकई कोई अलौकिक संकेत है या सिर्फ एक संयोग.
मंदिर से जुड़ी एक और चर्चित मान्यता हवा की दिशा को लेकर है. कहा जाता है कि जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर हवा सामान्य दिशा के विपरीत बहती है, जिस कारण ध्वज हमेशा उल्टी दिशा में लहराता है. इसे भी मंदिर के चमत्कारों में गिना जाता है. ऐसे में पक्षियों का वहां मंडराना इन मान्यताओं के खिलाफ माना जा रहा है, जिसने लोगों की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है.
पौराणिक ग्रंथ ‘भविष्य मालिका’ में मंदिर से जुड़े कई संकेतों का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि जब कलियुग का अंत निकट होगा, तब मंदिर परिसर में असामान्य घटनाएं होंगी. शिखर से पत्थरों का गिरना, नीलचक्र का मुड़ना और पक्षियों का दिखाई देना इन्हीं संकेतों में गिना जाता है. इसी कारण कुछ लोग वायरल वीडियो को भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं.
हालांकि हर कोई इस सोच से सहमत नहीं है. कई लोग इसे पूरी तरह प्राकृतिक घटना बता रहे हैं. उनका कहना है कि बदलते मौसम, हवा की दिशा या पर्यावरणीय कारणों से पक्षियों का झुंड वहां पहुंच सकता है. उनका मानना है कि हर असामान्य दृश्य को डर या अपशकुन से जोड़ना सही नहीं है और बिना ठोस प्रमाण के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.
यह पहली बार नहीं है जब जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा कोई दृश्य चर्चा में आया हो. इससे पहले भी मंदिर के ऊपर उल्लू या गरुड़ दिखने की घटनाएं वायरल हो चुकी हैं, जिन्हें कभी शुभ तो कभी अशुभ संकेत माना गया. फिलहाल वायरल वीडियो ने एक बार फिर आस्था और तर्क के बीच बहस छेड़ दी है. सच क्या है, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि जगन्नाथ मंदिर के रहस्य लोगों की जिज्ञासा बनाए रखते हैं.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.