PM Meloni: इटली की एक पत्रकार को प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर की हाइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना भारी पड़ गया है. इटली की मिलान अदालत ने महिला पत्रकार को 5000 यूरो का जुर्माना भरने का आदेश दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, मिलान की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर राजनेता का मजाक उड़ाने के लिए गिउलिया कॉर्टेस को 5,000 यूरो का हर्जाना देने का आदेश दिया है.इससे पहले कार्टेस को बॉडी शेमिंग के लिए 1200 यूरो का जुर्माना लगाया गया था.
इतालवी पत्रकार ने साल 2021 में ट्विटर पर मेलोनी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं. इटली में सरकार बनाने से पहले जॉर्जिया मेलोनी ने महिला पत्रकार गिउलिया कॉर्टेस के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की थी. मेलोनी उस समय विपक्ष का नेतृ्त्व कर रही थीं. उन्हें उस समय ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी का विपक्ष के नेता के तौर पर नेतृत्व कर रही थीं.
उस समय कॉर्टेस ने एक तस्वीर साझा की थी. इस तस्वीर में उन्हें पृष्ठभूमि में पूर्व फासीवादी नेता बेनिटो मुसोलिनी की तस्वीर के साथ दिखाया गया था. इस पर मेलोनी ने कहा था कि यह एक जालसाजी है. तत्कालीन विपक्ष की नेता मेलोनी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लाईं. उन्होंने लोगों से कहा कि उनकी क्षवि को धूमिल करने का प्रयास हो रहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कानूनी सलाहकार को कार्टेस के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है. इसका जवाब देते हुए कार्टेस ने कहा कि आप जिस तरह इस मामले को सोशल मीडिया पर लेकर आई हैं उससे यह पता चलता है कि आप एक छोटी महिला हैं. एक अन्य ट्वीट में महिला पत्रकार ने लिखा कि वह उसे नहीं डरा सकती. आखिरकार , आप केवल 1.2 मीटर (4 फीट) लंबी हैं. मैं आपको देख भी नहीं सकती.
अदालत का फैसला आने के बाद कार्टेस ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि इटली की सरकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता में असहमति के साथ गंभीर समस्या है. उन्होंने इस फैसले की निंदा की. कार्टेस ने कहा कि अदालत का फैसला निंदनीय है, इसके साथ आगे बढ़ने का जोखिम है. इस बीच मेलोनी के कानूनी प्रतिनिधियों ने घोषणा की है कि लगाए गए जुर्माने की कुल राशि धर्मार्थ कार्यों के लिए आवंटित की जाएगी. हालांकि कार्टेस के पास अदालत के निर्णय को चुनौती देने का अधिकार है.
Italy's government has a serious problem with freedom of expression and journalistic dissent. This country seems to get closer to Orbán's Hungary: these are bad times for independent Journalists and opinion leaders. Let's hope for better days ahead. We won't give up!@Reuters https://t.co/sWojOlMJz1
— Giulia Cortese (@GiuliaCortese1) July 18, 2024