टोक्यो में भारतीय परिवार का महीने का खर्च 2.9 लाख!, महिला के वीडियो के बाद छिड़ी बहस, किराया-खाना देखकर उड़ जाएंगे होश
टोक्यो में रह रही एक भारतीय महिला ने बताया कि उनके तीन सदस्यों वाले परिवार का मासिक खर्च करीब 2.9 लाख रुपये (5 लाख येन) है. किराया, बच्चे की देखभाल और भारतीय खाने के सामान पर सबसे ज्यादा खर्च आता है. यह खुलासा सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छेड़ गया है.
जापान की राजधानी टोक्यो में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने परिवार के मासिक खर्च का पूरा ब्योरा शेयर किया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. महिला ने बताया कि उनके तीन सदस्यों वाले परिवार को हर महीने लगभग 2.9 लाख रुपये (5 लाख येन) खर्च करने पड़ते हैं. इस खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा किराया और बिजली-पानी का है, जो अकेले 2 लाख येन (करीब 1.16 लाख रुपये) है. बच्चे की डे-केयर पर 1 लाख येन (58 हजार रुपये) और भारतीय सामान से बने खाने पर 1 से 1.5 लाख येन (58 से 87 हजार रुपये) तक खर्च हो जाता है. इस पोस्ट ने लोगों के बीच टोक्यो और भारतीय महानगरों के खर्च की तुलना शुरू कर दी है.
टोक्यो में जीवन यापन का भारी खर्च
सुनाक्षी शर्मा द्वारा शेयर किए गए वीडियो में महिला ने विस्तार से बताया कि टोक्यो में रहना कितना महंगा पड़ रहा है. किराया और यूटिलिटी बिल अकेले उनका सबसे बड़ा खर्च है. साथ ही बच्चे की देखभाल के लिए डे-केयर पर हर महीने 1 लाख येन देने पड़ते हैं. भारतीय खाने के सामान की कीमत यहां बहुत ज्यादा है, इसलिए खाने पर भी भारी खर्च आता है. ट्रांसपोर्ट और कार रखने का खर्च भी 50 हजार से 1 लाख येन तक है. महिला ने वीडियो में सवाल किया कि क्या टोक्यो भारतीय महानगरों से ज्यादा महंगा है? इस सवाल ने सोशल मीडिया यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया. कई लोगों ने कहा कि टोक्यो में सैलरी भी ज्यादा होती है, जो खर्च को कुछ हद तक बैलेंस करती है.
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं
इस खुलासे पर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ यूजर्स मानते हैं कि 2.9 लाख रुपये का खर्च भारतीय मानकों से बहुत ज्यादा है, लेकिन टोक्यो में औसत सैलरी भी ऊंची होती है, इसलिए यह बोझ उतना महसूस नहीं होता. वहीं कई लोगों ने कहा कि महंगे इलाके में रहना और कार रखना खर्च बढ़ाने की मुख्य वजह है. टोक्यो में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बहुत अच्छा है, फिर भी कार रखने से खर्च बढ़ जाता है. एक यूजर ने लिखा कि टोक्यो में छोटे से फ्लैट के लिए भी भारी किराया देना पड़ता है. कई लोगों ने भारतीय खाने के सामान की महंगाई पर भी हैरानी जताई.
भारतीय महानगरों से तुलना
कई यूजर्स ने टोक्यो के खर्च की तुलना मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों से की. कुछ ने कहा कि मुंबई के अंधेरी वेस्ट जैसे इलाकों में भी अच्छे फ्लैट का किराया 1.2 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है. हालांकि टोक्यो में रहने का खर्च लगातार ऊंचा बना रहता है, खासकर विदेशी सामान और भारतीय व्यंजनों पर. एक यूजर ने टिप्पणी की कि विदेश में जिंदगी बाहर से आकर्षक लगती है, लेकिन रोजमर्रा के खर्च और सांस्कृतिक सामान की महंगाई असली तस्वीर दिखाती है. कई लोग इस बात पर सहमत हुए कि खुशहाल जीवन के लिए दुनिया में कहीं भी रहो, बुनियादी खर्च एक न्यूनतम स्तर पर तो रहता ही है.
विदेश में बसने की सच्चाई
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि विदेश में बसना जितना सपनों जैसा लगता है, उतना आसान नहीं होता. खासकर परिवार के साथ रहते हुए बच्चे की शिक्षा, भारतीय खाना और अच्छी लाइफस्टाइल बनाए रखना काफी महंगा पड़ सकता है. महिला का यह खुलासा उन भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण सबक है जो विदेश जाकर बसने का सपना देख रहे हैं. टोक्यो जैसे महंगे शहर में रहने के लिए अच्छी सैलरी के साथ-साथ खर्च प्रबंधन भी बहुत जरूरी है. सोशल मीडिया पर चल रही यह बहस दिखाती है कि हर शहर की अपनी चुनौतियां हैं, चाहे वह टोक्यो हो या मुंबई.