गोवा: जर्मन पर्यटक एलेक्स वेल्डर को गोवा में स्थानीय टैक्सी चालकों द्वारा परेशान किया गया जब उन्होंने ऐप आधारित कैब GoaMiles से यात्रा बुक की. यह घटना पारंपरिक टैक्सी ऑपरेटरों और ऐप आधारित कैब सेवाओं के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को फिर से सामने लाती है.
वेल्डर के अनुभव से ये पता चलता है कि पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना राज्य की चुनौती बन चुका है, जिससे गोवा के पर्यटन क्षेत्र की छवि पर असर पड़ सकता है.
एलेक्स वेल्डर और उनकी साथी महिला को पाटनम में टैक्सी चालकों द्वारा परेशान किया गया. स्थानीय रिक्शा चालक ने Rs 500 मांगा जबकि GoaMiles ऐप उसी मार्ग के लिए Rs 300 चार्ज कर रहा था. यात्रियों को चालकों द्वारा पीछा किया गया और उन्हें डराया गया. वीडियो में वेल्डर यह पूछते सुनाई देते हैं कि चालकों का असली मुद्दा क्या है. यह घटना साफ दिखाती है कि स्थानीय ऑपरेटर ऐप आधारित सेवाओं को स्वीकार नहीं कर रहे.
जब GoaMiles कैब पुलिस के सामने रुकी, तो चालक पर Rs 500 का जुर्माना लगाया गया. वेल्डर ने कहा कि उन्हें पूरी स्थिति समझ में नहीं आई, लेकिन उन्होंने चालक के लिए जुर्माना अदा किया. इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि गोवा में ऐप आधारित कैब सेवाओं के प्रयोग पर स्थानीय विरोध और प्रशासनिक जटिलताएं दोनों मौजूद हैं. यह पुलिस और स्थानीय ऑपरेटरों के बीच तनाव को उजागर करती है.
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यह पहली घटना नहीं है. अक्टूबर में मुंबई की श्रेया अग्रवाल को वार्का में लगभग 1 किलोमीटर पैदल चलकर GoaMiles कैब तक पहुंचना पड़ा. कैब चालक रिसॉर्ट के गेट तक नहीं आया क्योंकि उन्हें स्थानीय चालकों से मारपीट का डर था. इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि ऐप आधारित कैब सेवाओं के प्रयोग में पर्यटकों को बार-बार असुविधा और धमकी का सामना करना पड़ रहा है.
गोवा के पारंपरिक टैक्सी ऑपरेटरों और ऐप आधारित सेवाओं के संघर्ष ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र की छवि को प्रभावित किया है. होटल उद्योग के लोग और पर्यटक इस तनाव को लेकर चिंतित हैं. ब्रिटेन के कंटेंट क्रिएटर एलेक्स वांडर्स ने कहा कि 'गोवा की टैक्सी माफिया धीरे-धीरे पर्यटन उद्योग को बर्बाद कर रही है.' यह स्थिति राज्य की पर्यटन प्रतिष्ठा के लिए गंभीर चुनौती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐप आधारित कैब सेवाओं और पारंपरिक ऑपरेटरों के बीच संतुलन स्थापित करना आवश्यक है. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे. यदि यह संघर्ष जारी रहा, तो गोवा में पर्यटन उद्योग को लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है. पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.