रमजान में साथ खड़े दिखे तो तुरंत कराया जाएगा निकाह... पाकिस्तानी यूनिवर्सिटी का अजीबोगरीब नोटिस हुआ वायरल

पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी के नाम से जारी कथित नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसमें रमजान के दौरान लड़के-लड़कियों के साथ खड़े होने पर निकाह कराने की बात कही गई. बाद में नोटिस फर्जी बताया गया.

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नई दिल्ली: रमजान के पाक महीने में एक पाकिस्तानी यूनिवर्सिटी के नाम से जारी कथित नोटिस ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. दावा किया गया कि कैंपस में लड़के और लड़कियां साथ खड़े पाए गए तो उनका निकाह करा दिया जाएगा.

छात्रों ने इस नोटिस पर मजेदार रील बनाकर शेयर की, जो देखते ही देखते वायरल हो गई. हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह नोटिस आधिकारिक नहीं था और इसे पहले भी फर्जी बताया जा चुका है.

वायरल रील से मचा बवाल

रील की शुरुआत एक मजाकिया लाइन से हुई, जिसमें कहा गया कि हमारी यूनिवर्सिटी इतनी हलाल है कि ऐसा नोटिस मिला है. इसके बाद हमदर्द यूनिवर्सिटी के नाम से जारी कथित नोटिस का स्क्रीनशॉट दिखाया गया. नोटिस में लिखा था कि रमजान के दौरान कपल्स का साथ खड़ा होना सख्त मना है. यदि कोई जोड़ा साथ पाया गया तो तुरंत निकाह करा दिया जाएगा. 

गरिमा बनाए रखने की सलाह

कथित नोटिस में छात्रों को विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी गई थी. और साथ ही कहा गया था कि नियम तोड़ने पर जोड़े को अपनी वालिमा की व्यवस्था खुद करनी होगी. इस अजीबोगरीब चेतावनी ने लोगों को हैरान भी किया. कुछ लोगों ने इसे सख्ती बताया तो कई ने इसे मजाक के तौर पर लिया.

सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं

वीडियो को कुछ ही दिनों में 40 लाख से ज्यादा बार देखा गया. कमेंट सेक्शन में यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी. एक यूजर ने पूछा कि यह चेतावनी है या मौका. कई लोगों ने इसे रिश्ता कराने का नया तरीका बताया. कुछ ने तो मजाक में एडमिशन लेने की इच्छा भी जता दी.

यूजर्स ने उठाए सवाल

वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यह नोटिस असली है या एआई से बनाया गया है. जांच में पता चला कि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पर ऐसा कोई नोटिस नहीं था. इससे पहले भी यही नोटिस इस्लामाबाद की बहरिया यूनिवर्सिटी के नाम से फैल चुका था और बाद में फर्जी साबित हुआ था.

अफवाहों का असर

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती ऐसी खबरें अक्सर भ्रम पैदा करती हैं. इस मामले में भी बिना पुष्टि के नोटिस वायरल हो गया. हालांकि, बाद में स्पष्ट हो गया कि यह आधिकारिक लेटरहेड पर जारी नहीं किया गया था.