अमेरिका से 90% सस्ती हुई मां की सर्जरी, अमेरिकी महिला ने की भारत के हेल्थकेयर की तारीफ
अमेरिकी महिला अमेलिया ने भारत में अपनी मां की सर्जरी का अनुभव साझा किया. उनका दावा है कि इलाज और अस्पताल का खर्च अमेरिका की तुलना में करीब 90% कम रहा.
अमेरिका की एक महिला अमेलिया ने अपनी मां की सर्जरी के लिए भारत आने का अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया है. उनका कहना है कि भारत के एक शीर्ष अस्पताल में इलाज और अस्पताल में रहने का खर्च करीब 4,500 डॉलर आया, जबकि अमेरिका में इसी इलाज के लिए लगभग 45,000 डॉलर का अनुमान दिया गया था.
अमेरिका से दक्षिण कोरिया तक विकल्प तलाशे
अमेलिया के मुताबिक, उनकी मां को सर्जरी की जरूरत थी और परिवार के सामने अमेरिका में करीब 45,000 डॉलर का खर्च बताया गया था. इसके बाद परिवार ने दक्षिण कोरिया में इलाज कराने पर भी विचार किया. इसी दौरान एक डॉक्टर मित्र ने उन्हें भारत में इलाज कराने की सलाह दी. परिवार ने सलाह मानते हुए भारत का रुख किया.
इलाज की गुणवत्ता से प्रभावित
अमेलिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव को साझा करते हुए भारत की चिकित्सा सुविधाओं की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि भारत के अस्पताल में उन्हें मिली चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता उम्मीद से बेहतर रही. उनके मुताबिक, सर्जरी और अस्पताल में ठहरने सहित कुल खर्च लगभग 4,500 डॉलर रहा, जो अमेरिका में बताए गए अनुमान से काफी कम था.
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मेडिकल टूरिज्म में बड़ी संभावना
अमेरिकी महिला ने भारत को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में बड़ी संभावनाओं वाला देश बताया. हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि विदेशी मरीजों के लिए यात्रा, स्थानीय परिवहन, अस्पताल तक पहुंच और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं को अधिक आसान बनाया जाए. उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में सुधार होने पर भारत अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए और आकर्षक चिकित्सा केंद्र बन सकता है.
सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
अमेलिया की पोस्ट सामने आने के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. कई लोगों ने भारत के बड़े शहरों में उपलब्ध निजी स्वास्थ्य सेवाओं और अपेक्षाकृत कम दवा कीमतों का जिक्र किया. कुछ यूजर्स ने कहा कि देश के प्रमुख शहरों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और अस्पतालों की उपलब्धता ने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया है.
अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहस
पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ यूजर्स ने अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं की ऊंची लागत पर सवाल उठाए. एक टिप्पणी में अमेरिकी फार्मास्युटिकल उद्योग की आलोचना की गई, जबकि दूसरे यूजर ने कहा कि भारत में आर्थिक रूप से सक्षम मरीजों को पश्चिमी देशों की तुलना में कम खर्च में निजी अस्पतालों में इलाज मिलने का विकल्प उपलब्ध है.
वीजा और भारत-अमेरिका संबंध भी चर्चा में
अमेलिया की पोस्ट पर चर्चा केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रही. कुछ यूजर्स ने भारत-अमेरिका यात्रा और वीजा व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया. एक यूजर ने सुझाव दिया कि अमेरिका को भारतीयों के लिए पढ़ाई और रोजगार समेत विभिन्न उद्देश्यों से वीजा प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए. इस तरह एक मरीज के इलाज के अनुभव ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ दोनों देशों के संबंधों पर भी बहस छेड़ दी.
मेडिकल टूरिज्म के लिए संदेश
अमेलिया का अनुभव भारत में चिकित्सा सेवाओं की लागत और गुणवत्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चर्चा को सामने लाता है. हालांकि, उनका अनुभव व्यक्तिगत है और इससे हर प्रकार की सर्जरी की लागत या गुणवत्ता के बारे में सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. फिर भी, उनका दावा भारत के मेडिकल टूरिज्म क्षेत्र की संभावनाओं और विदेशी मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने की जरूरत पर ध्यान खींचता है.