'एलियंस धरती पर भेज रहे हैं कुछ 'खतरनाक चीज', एक्सपर्ट ने किया चौंकाने वाला दावा
हार्वर्ड के वैज्ञानिक एवी लोएब का दावा है कि अंतरिक्ष में दिखा नीला धूमकेतु 3I/ATLAS किसी एलियन तकनीक से संचालित हो सकता है. दिसंबर में यह पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है.
नई दिल्ली: अंतरिक्ष में रहस्यमयी गतिविधियों की चर्चा एक बार फिर तेज़ हो गई है. इस बार मामला है 3I/ATLAS नामक एक रहस्यमयी अंतरतारकीय धूमकेतु का जो हाल ही में नीला रंग लेते हुए पृथ्वी की दिशा में बढ़ता देखा गया है. प्रसिद्ध हार्वर्ड खगोलभौतिकीविद् एवी लोएब (Avi Loeb) का मानना है कि यह धूमकेतु स्वाभाविक नहीं, बल्कि किसी एलियन तकनीक से संचालित हो सकता है.
लोएब के अनुसार, 3I/ATLAS की गति में जो “non-gravitational acceleration” यानी गुरुत्वाकर्षण से परे तीव्रता देखी जा रही है, वह किसी प्रकार के कृत्रिम इंजन के संकेत हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी प्रकार की प्रणोदन शक्ति (propulsion) ने इसे अपनी मूल कक्षा से हटा दिया. इस प्रक्रिया में वस्तु का 10 से 20 प्रतिशत द्रव्यमान कम हो जाता है.
इस धूमकेतु के बारे में सबसे रोचक बात इसका नीला रंग है, जो तब दिखाई दिया जब इसकी कक्षा सूर्य के बेहद करीब आई. धूल के कारण धूमकेतु का रंग लालिमा लिए होता है, लेकिन 3I/ATLAS का नीला दिखाई देना वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बना हुआ है. लोएब का कहना है कि यह रंग किसी गर्म इंजन या कृत्रिम प्रकाश स्रोत का संकेत भी हो सकता है. वहीं प्राकृतिक दृष्टिकोण से यह आयनित कार्बन मोनोऑक्साइड (ionized CO) के कारण भी संभव माना जा रहा है.
सौरमंडल को हमेशा के लिए छोड़ देगा
3I/ATLAS नाम में “3I” दर्शाता है कि यह अब तक खोजे गए तीसरे अंतरतारकीय पिंड (interstellar object) में से एक है. जबकि “ATLAS” उस Asteroid Terrestrial-impact Last Alert System का नाम है, जिसने इसे सबसे पहले खोजा था.
एवी लोएब ने अपने Medium ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि अगर 3I/ATLAS की गैर-गुरुत्वीय गति किसी आंतरिक इंजन के कारण है, तो यह एक तकनीकी हस्ताक्षर (technological signature) हो सकता है. और इसका नीला रंग भी उसी का परिणाम हो सकता है. उन्होंने आगे जोड़ा कि सूर्य की तुलना में यह वस्तु लगभग 20 गुना ठंडी होनी चाहिए, ऐसे में इसका नीला दिखाई देना असामान्य है. यह अब तक देखी गई नौवीं अनोखी विशेषता है जिसने वैज्ञानिकों को उलझा दिया है.
खगोलविदों का अनुमान है कि 19 दिसंबर को यह धूमकेतु पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु से गुजरेगा, जिसकी दूरी लगभग 167 मिलियन मील (लगभग 269 मिलियन किलोमीटर) होगी. इसके बाद जनवरी में यह हमारे सौरमंडल को हमेशा के लिए छोड़ देगा. यह नजदीकी गुजराव वैज्ञानिकों के लिए एक बेहतरीन अवसर है. जिससे वे यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि 3I/ATLAS वास्तव में एक प्राकृतिक धूमकेतु है या फिर किसी अज्ञात सभ्यता की तकनीकी कृति.
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