नई दिल्ली: गर्मी का मौसम आते ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है. एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से राहत तो मिलती है, लेकिन महीने के आखिर में आने वाला भारी-भरकम बिजली बिल लोगों की चिंता बढ़ा देता है. अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ज्यादा देर तक चलने के कारण बिल बढ़ रहा है, जबकि कई बार कुछ डिवाइस बंद होने के बाद भी बिजली की खपत करते रहते हैं. यही छिपी हुई खपत आपके बिल को अनजाने में बढ़ा सकती है.
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अनुसार, घरों में मौजूद कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्टैंडबाय मोड में भी बिजली का उपयोग करते रहते हैं. ऐसे उपकरण भले ही बंद दिखाई दें, लेकिन वे लगातार थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा लेते रहते हैं. इसी प्रक्रिया को ‘वैंपायर लोड’ कहा जाता है, जो समय के साथ बिजली बिल पर बड़ा असर डाल सकता है.
जब किसी उपकरण को केवल रिमोट या पावर बटन से बंद किया जाता है, तो वह पूरी तरह से निष्क्रिय नहीं होता. वह स्टैंडबाय मोड में काम करता रहता है और बिजली की खपत जारी रखता है. टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, कंप्यूटर, माइक्रोवेव और कई अन्य स्मार्ट डिवाइस इस श्रेणी में आते हैं. इसके अलावा मोबाइल या लैपटॉप चार्जर को उपयोग के बाद भी सॉकेट में लगा छोड़ देना भी अनावश्यक बिजली खर्च का कारण बनता है.
मेन स्विच बंद करने की आदत डालें
एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि केवल रिमोट से डिवाइड को बंद करने के बजाय उपयोग के बाद मेन स्विच भी बंद कर देना चाहिए. इससे स्टैंडबाय मोड में होने वाली बिजली की खपत पूरी तरह रुक जाती है और बिजली की बचत होती है.
तुरंत निकालें चार्जर
मोबाइल, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज के चार्जर को इस्तेमाल के बाद सॉकेट से निकाल देना चाहिए. कई लोग चार्जिंग पूरी होने के बाद भी चार्जर को प्लग में लगा छोड़ देते हैं, जिससे अनावश्यक बिजली खर्च होती रहती है.
पावर स्ट्रिप का करें उपयोग
अगर एक साथ कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल करते हैं, तो ऑन-ऑफ स्विच वाली पावर स्ट्रिप काफी उपयोगी साबित हो सकती है. एक बटन बंद करके सभी डिवाइस की बिजली सप्लाई रोकी जा सकती है, जिससे बिजली की बचत के साथ बिल भी कम आता है.