यूपी के कारोबारियों के लिए बड़ी राहत, पुराने टैक्स पर ब्याज और पेनल्टी सरकार कर सकती है माफ
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराने टैक्स बकायेदारों को राहत देने के लिए ब्याज और अर्थदंड माफी योजना 2026 को मंजूरी दी है. 31 दिसंबर 2025 तक के पात्र पुराने टैक्स बकाये पर लगे ब्याज और पेनल्टी से राहत मिल सकती है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराने टैक्स बकायेदारों को राहत देने के लिए ब्याज और अर्थदंड माफी योजना 2026 को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के पुराने टैक्स बकाये पर लगाए गए ब्याज और पेनल्टी यानी अर्थदंड से राहत मिलने का प्रावधान है.
खास बात यह है कि योजना का लाभ उठाने के लिए बकायेदारों को सीमित अवधि दी गई है. ऐसे में पुराने टैक्स विवाद से जुड़े लोगों के लिए यह राहत पाने का एक मौका हो सकता है.
सिर्फ तीन महीने में करना होगा आवेदन
योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के बकाया टैक्स को शामिल किया गया है. सरकार की ओर से योजना का लाभ लेने के लिए तीन महीने की अवधि दी गई है. इस दौरान पात्र बकायेदार निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके अपने पुराने टैक्स मामले का निपटारा करा सकते हैं.
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हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है कि इस योजना के तहत मूल टैक्स की राशि माफ नहीं होगी. राहत केवल बकाया टैक्स पर लगे ब्याज और अर्थदंड पर मिलेगी. यानी अगर किसी कारोबारी या दुकानदार का पुराना टैक्स बकाया है, तो उसे मूल टैक्स की राशि का भुगतान करना होगा.
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
यह योजना उत्तर प्रदेश में पुराने टैक्स बकाये से जुड़े कारोबारियों और दुकानदारों के लिए महत्वपूर्ण है. इसमें पुराने सेल्स टैक्स, ट्रेड टैक्स, एंट्री टैक्स और अन्य संबंधित टैक्स बकाये शामिल हो सकते हैं. अगर इन बकायों पर ब्याज या पेनल्टी लग चुकी है, तो योजना के नियमों के अनुसार उस हिस्से में राहत मिल सकती है.
बकायेदारों को आवेदन करने से पहले यह देखना होगा कि उनका बकाया किस अवधि का है और संबंधित टैक्स योजना के दायरे में आता है या नहीं. 31 दिसंबर 2025 की कटऑफ तारीख को ध्यान में रखना जरूरी है.
पूरा टैक्स नहीं होगा माफ
इस योजना को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही हो सकती है कि सरकार पुराने टैक्स का पूरा बकाया माफ कर रही है. ऐसा नहीं है. योजना का उद्देश्य मूल टैक्स की राशि को खत्म करना नहीं, बल्कि उस पर जमा हुए ब्याज और अर्थदंड से राहत देना है.
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कारोबारी पर पुराना टैक्स बकाया है और उसके ऊपर ब्याज व पेनल्टी जुड़ चुकी है, तो योजना के तहत पात्र होने पर उसे मूल टैक्स का भुगतान करना होगा. वहीं, नियमों के मुताबिक ब्याज और अर्थदंड में राहत मिल सकती है.
ऑनलाइन कैसे ले सकते हैं योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए बकायेदारों को उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग के पोर्टल पर जाना होगा. वहां उपलब्ध Interest Waiver Scheme 2026 विकल्प के जरिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.
सबसे पहले पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा. इसके बाद सिस्टम में बकाया टैक्स के साथ उस पर लगे ब्याज और अर्थदंड की जानकारी दिखाई जा सकती है. पात्रता और बकाया राशि की जानकारी जांचने के बाद योजना के लिए सहमति देनी होगी.
इसके बाद मूल टैक्स की निर्धारित राशि का ऑनलाइन भुगतान करना होगा. भुगतान पूरा होने के बाद सेटलमेंट रसीद और नो-ड्यूज सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी होगा.
दिक्कत हो तो ऑफलाइन प्रक्रिया का विकल्प
अगर किसी बकायेदार को ऑनलाइन आवेदन या भुगतान प्रक्रिया में परेशानी आती है, तो संबंधित वाणिज्य कर कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है. वहां अधिकारी से योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेकर ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.
पुराने टैक्स विवाद वाले कारोबारियों के लिए आवेदन करने से पहले अपने बकाये की अवधि, मूल टैक्स, ब्याज और अर्थदंड की राशि की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है. साथ ही किसी भी भुगतान से पहले योजना के लागू नियम और विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश जरूर देख लेने चाहिए.