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अपने ऑल टाइम हाई पर था शेयर बाजार फिर अचानक क्यों आ गई भारी गिरावट, जानें कारण

Share Market : बुधवार की दोपहर को बाजार में एकाएक गिरावट से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा. बुधवार को सेंसेक्स 930.88 अंक टूटकर 70506.31 पर बंद हुआ तो निफ्टी भी 1.41 फीसदी फिसलकर 21150.15 पर बंद हुई.

Gyanendra Tiwari

Share Market : दिसंबर के महीने में भारतीय शेयर बाजार में जो तेजी दिखी वो पहले कभी नहीं देखी गई. लेकिन बुधवार को अचानक बाजार में भारी गिरावट देखी गई. सुबह जब बाजार खुला तब भी सब सही था लेकिन फिर अचानक बुधवार की दोपहर को बाजार में एकाएक गिरावट से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा. बुधवार को सेंसेक्स 930.88 अंक टूटकर 70506.31 पर बंद हुआ तो निफ्टी भी 1.41 फीसदी फिसलकर 21150.15 पर बंद हुई.

बुधवार को बाजार में आई अचानक भारी गिरावट के चलते 9 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल कम हो गई. ट्रेडर्स को समझ नहीं आया कि आखरि सब कुछ सही था तो बाजार में गिरावट क्यों आई? आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर बाजार में किन कारणों की वजह से गिरावट आई.


विदेशी निवेशकों ने बेचे शेयर

 

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों ने अपने शेयरों को बेचा. डाटा की बात करें तो बुधवार को FII ने 1,322  (Foreign Institutional investors) रुपए की बिक्री की. वहीं,  DII (Domestic Institutional Investors) ने 4,754 करोड़ रुपये की खरीदारी की. बुधवार को बाजार में अचानक गिरावट का एक कारण एफआईआई को भी माना जा रहा है. दरअसल, पिछले 5 हफ्तों से एफआईआई के चलते निफ्टी में में भारी उछाल देखा गया. जुलाई 2022 के बाद दिसंबर में सबसे अधिक मंथली बढ़त देखी गई.

 

कोविड के नए वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता

 

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से बाजार में गिरावट देखी गई है. भारत में कोविड 19 सब वेरिएंट जेएन1 के बढ़ते मामलों ने निवेशकों की टेंशन बढ़ा दी है.केरल में कोविड के केसेस तेजी से बढ़ रहे हैं. बीते दिन केरल में 292 नए मामले सामने आए थे और 3 लोगों की मौत भी हुई थी. कोविड की वजह से फार्मा इंडेक्स में  भी 1.65% की गिरावट देखी गई.

 

यमन के विद्रोही जहाज पर कर रहे हैं हमला

रेड सी में यमन के हूती विद्रोही संगठन द्वारा किए जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का असर भी शेयर मार्केट में देखने को मिल रहा है. हमले की वजह वैश्विक व्यापार व्यवधान और जिओ पॉलिटिकल टेंशन बढ़ी है. ऐसे में निवेशकों के मन में एक डर बना हुआ है.