नई दिल्ली: रक्षाबंधन पर भारतीय डाक से भेजी राखी की ट्रैकिंग में पार्सल पहुंचा हुआ दिख रहा है, लेकिन भाई तक सामान नहीं पहुंचा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों में पहले स्थानीय डाकघर से संपर्क करें और पार्सल की जानकारी पूछें. कई बार दर्ज स्थिति में गलती हो सकती है. अगर वहां से समाधान नहीं मिलता, तो भारतीय डाक की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और उसकी स्थिति देखी जा सकती है.
राखी या कोई जरूरी सामान भेजने के बाद उसकी स्थिति पर नजर रखना सामान्य बात है. लेकिन कई बार संदेश में पार्सल पहुंचा हुआ दिखाई देता है, जबकि प्राप्तकर्ता को वह मिला ही नहीं. ऐसी स्थिति में तुरंत घबराने के बजाय पहले यह पता करना चाहिए कि पार्सल वास्तव में किस स्थान पर है और किस व्यक्ति को सौंपा गया है.
भारतीय डाक की शिकायत संबंधी आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार, ग्राहक को सबसे पहले उस डाकघर के डाकपाल या प्रभारी से संपर्क करना चाहिए, जहां से संबंधित डाक सेवा का लेनदेन हुआ था.
आपको ये जानकारी अपने पास रखनी चाहिए;
कभी-कभी वितरण की स्थिति में गलती या देरी के कारण परेशानी हो सकती है. इसलिए स्थानीय डाकघर से संपर्क करके यह पूछना जरूरी है कि पार्सल वास्तव में किसे दिया गया और उसका वितरण किस स्तर पर हुआ. अगर डाकघर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो भारतीय डाक की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है. विभाग की वेबसाइट पर डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है.
भारतीय डाक की शिकायत व्यवस्था में समस्या दर्ज करने के लिए ये कदम अपनाएं;
विभाग की शिकायत संबंधी दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पहले संबंधित डाकघर में शिकायत दर्ज कराकर उसकी प्राप्ति लेना उचित है. समाधान नहीं मिलने पर अगले अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है.
अगर ऑनलाइन शिकायत करने में परेशानी हो रही है, तो भारतीय डाक की ग्राहक सेवा पर संपर्क किया जा सकता है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार ग्राहक सेवा का निःशुल्क नंबर 1800-266-6868 है. इसके कर्मचारी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सहायता देते हैं, जबकि स्वचालित सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है.
अगर जांच के दौरान डाक विभाग की सेवा में कमी या लापरवाही सामने आती है, तो मामले के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, पार्सल खोने पर मुआवजा अपने आप तय नहीं होता. यह डाक की श्रेणी, बुकिंग की शर्तों और विभाग के लागू नियमों पर निर्भर करता है. इसलिए रक्षाबंधन की राखी नहीं पहुंचने पर सबसे पहले शिकायत दर्ज कराना और उसकी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. आधिकारिक शिकायत प्रक्रिया अपनाने से मामले को सही स्तर तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है.