Interim Budget 2024: ऊर्जा सुरक्षा से लेकर AI तक... केंद्र सरकार के सामने 4 चुनौतियां, जिनका समाधान बेहद जरूरी
केंद्र सरकार की ओर से जारी एक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वित्त वर्ष 2025 में मजबूत वृद्धि दर्ज करने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही कुछ चुनौतियों को भी सामने रखा गया है.
Interim Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी को अंतरिम बजट 2024-25 पेश करेंगी. ये बजट ऐसे समय में पेश हो रहा है, जब भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की उम्मीद कर रही है. साथ ही बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और उच्च मुद्रास्फीति बड़ी चुनौतियां बनकर सामने खड़ी हैं. जानकारों का अनुमान है कि ये चुनौतियां वित्त वर्ष 2025 में विकास को धीमा कर सकती हैं.
सरकार की ओर से जारी एक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वित्त वर्ष 2025 में मजबूत वृद्धि दर्ज करने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही कई चुनौतियों को भी सामने रखा गया है, जिनका निर्मला सीतारमण आगामी अंतरिम बजट में समाधान कर सकती हैं. अप्रैल और मई में लोकसभा चुनावों के साथ रिपोर्ट एक लघु-आर्थिक सर्वेक्षण के रूप में काम करेगी, जो भारत के विकास में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है और अगले वित्तीय वर्ष के लिए चुनौतियों पर गौर कराती है.
वैश्विक आर्थिक एकीकरण (Global Economic Integration): भारत की वृद्धि न केवल घरेलू कारणों से निर्धारित होती है, बल्कि वैश्विक विकास से भी प्रभावित होती है. इसलिए बढ़ती भू-राजनीतिक घटनाएं भारत के विकास के लिए खतरा हो सकती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ते भू-आर्थिक विखंडन और अति-वैश्वीकरण की मंदी के परिणामस्वरूप फ्रेंड शोरिंग और ऑनशोरिंग में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका पहले से ही वैश्विक व्यापार और उसके बाद वैश्विक विकास पर प्रभाव पड़ रहा है.
ऊर्जा सुरक्षा बनाम ऊर्जा संक्रमण (Energy Security vs Transition): ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास बनाम चल रहे ऊर्जा संक्रमण के बीच एक जटिल स्थिति मौजूद है. भू-राजनीतिक, तकनीकी, राजकोषीय, आर्थिक और सामाजिक आयामों से जुड़े इस मुद्दे पर सावधानीपूर्वक विचार करने की जरूरत है. ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अलग-अलग देशों की ओर से की गई नीतिगत कार्रवाइयों का अन्य अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ सकता है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चुनौतियां (Artificial Intelligence (AI) Challenges): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उदय खासकर सेवा क्षेत्र में, एक बड़ी चुनौती है. हाल ही में आईएमएफ पेपर में उजागर किया गया था. जिसमें अनुमान लगाया गया था कि 40 प्रतिशत वैश्विक रोजगार एआई के संपर्क में है, जिसमें विस्थापन के जोखिमों के साथ-साथ पूरकता के लाभ भी शामिल हैं.
बढ़ती मुद्रास्फीति (Rising Inflation): सरकार के सामने एक और बड़ी चुनौती व्यापक अर्थव्यवस्था पर बढ़ती मुद्रास्फीति का प्रभाव है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मुद्रास्फीति से निपटने के लिए कुछ उपायों की घोषणा होने की उम्मीद है, लेकिन यह किसानों, ग्रामीण आबादी और गरीब परिवारों जैसे कुछ वर्गों तक सीमित हो सकती है.