नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है. नई समय सारिणी के लागू होने के साथ ही देश के अलग-अलग जोनों में नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं. इससे न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, बल्कि यात्रा का समय भी कम हुआ है.
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को तेज और भरोसेमंद सफर उपलब्ध कराना है. नई ट्रेनों के साथ-साथ सैकड़ों ट्रेनों को सुपरफास्ट कैटेगरी में शामिल किया गया है. इससे लंबी दूरी की यात्राएं पहले से ज्यादा आसान और आरामदायक होने की उम्मीद है.
टीएजी 2026 समय सारिणी के तहत रेलवे ने कई अहम बदलाव किए हैं. इसमें नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत, मौजूदा ट्रेनों का विस्तार और कई रूट्स पर ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाना शामिल है. इसके अलावा सैकड़ों ट्रेनों की गति बढ़ाकर उन्हें सुपरफास्ट श्रेणी में लाया गया है, जिससे यात्रियों का समय बचेगा.
मध्य रेलवे जोन में 4 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं. इसके साथ 6 ट्रेनों का विस्तार और 30 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई है. वहीं पूर्वी तट रेलवे में 4 नई ट्रेनें शुरू हुई हैं और 3 ट्रेनों की गति बढ़ी है. पूर्वी मध्य रेलवे में 20 नई ट्रेनें जोड़कर नेटवर्क को मजबूत किया गया है.
उत्तर मध्य रेलवे में 2 नई ट्रेनें शुरू हुई हैं और 4 ट्रेनों का विस्तार किया गया है. उत्तर पूर्वी रेलवे में 8 नई ट्रेनें जोड़ी गई हैं और 12 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है. वहीं उत्तरी रेलवे जोन में 20 नई ट्रेनें शुरू कर 24 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई है.
दक्षिणी रेलवे में 6 नई ट्रेनें शुरू हुई हैं और 75 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है. दक्षिण पश्चिम रेलवे में 8 नई ट्रेनें शुरू कर 117 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई गई है, जो सबसे ज्यादा है. पश्चिमी रेलवे में 10 नई ट्रेनें शुरू कर 80 ट्रेनों की गति बढ़ी है.
नई 122 ट्रेनों में अमृत भारत, मेल एक्सप्रेस, हमसफर, जनशताब्दी, नमो भारत रैपिड रेल और राजधानी शामिल हैं. इसके साथ 28 वंदे भारत ट्रेनें भी जोड़ी गई हैं. कई ट्रेनों का यात्रा समय 5 से 60 मिनट तक घटाया गया है, जिससे सफर और तेज होगा.