menu-icon
India Daily

सर्दी, गर्मी और बाढ़ से नहीं प्रभावित होगी किसानों की फसल! उन्नत बीजों की 109 किस्में जारी

Indian Agricultural Research Institute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवाक को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में उच्च उपज देने वाली 109 उन्नज बीजों को जारी किया. इस दौरान पीएम मोदी ने किसानों और वैज्ञानिकों से बात की. सरकार ने बजट में कृषि को लेकर कई बड़े ऐलान किए थे.

India Daily Live
सर्दी, गर्मी और बाढ़ से नहीं प्रभावित होगी किसानों की फसल! उन्नत बीजों की 109 किस्में जारी
Courtesy: Social Media

Indian Agricultural Research Institute: किसानों की उपज बढ़ाने के लिए रविवार को नई किस्म की उच्च उपज वाली उन्नत बीजों को जारी किया गया.  भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में पीएम मोदी ने 109 उच्च उपज देने वाली, जलवायु-अनुकूल और जैव-सशक्त फसल किस्में जारी कीं. इन उन्नत किस्म के बीजों से जलवायु परिवर्तन चुनौतियों के बीच कृषि उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा. कार्यकाम के दौरान पीएम मोदी ने कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने पर भी बात की. 

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए चर्चा की कि कैसे इन नवाचारों से किसानों के खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा.

इन फसलों के लिए उन्नत बीज जारी

भारतीय भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान  ने इन नई किस्म की उन्नत फसल बीजों को विकसित किया है.109 किस्म की उन्नत फसल बीज 61 फसलों से संबंधित हैं, जिसमें से 27 बागवानी फसलों तो 34 खेतों में लगाई जाने वाली फसलों से संबंधित हैं. 

जिन उन्नत बीजों को जारी किया गया है उनमें  कपास, फाइबर  बाजरा, चारा फसलें, तिलहन, दलहन, गन्ना समेत विभिन्न अनाज के बीज हैं. 2014 में सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी हमेशा किसानों की आमदानी बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं. इसके लिए केंद्र सरकार ने समय-समय पर कई कदम भी उठाए हैं. 

बजट में हरित कृषि को बढ़ावा देने की कही गई थी बात

हरित कृषि को बढ़ावा देने के लिए बजट में भी घोषणा की गई थी. बजट में उच्च उपज देने वाली और जलवायु-प्रतिरोधी फसल किस्मों को जारी करने की बात कही गई थी. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में, सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देश भर में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती में शामिल करना है, जिसे प्रमाणन और ब्रांडिंग द्वारा समर्थित किया जाएगा.

इसके अलावा बजट में ये भी कहा गया था कि इस बदलाव को सुविधाजनक बनाने के लिए 10,000 आवश्यकता-आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे.

दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य के अनुरूप इनके उत्पादन, भंडारण और मार्केटिंग को मजबूत करने की योजना बनाई है. सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने पर भी सरकार नए कदम उठा रही है. बजट में कृषि को लेकर कई कदम उठाए गए थे.