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क्या पहली बार भर रहे हैं इनकम टैक्स रिटर्न? इन छोटी गलतियों से हो सकता है बड़ा नुकसान

पहली बार आईटीआर भरने वाले लोगों को सही फॉर्म चुनने, जरूरी दस्तावेज तैयार रखने, सभी जानकारी का मिलान करने और 30 दिनों के भीतर ई वेरिफिकेशन पूरा करने का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

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Km Jaya

नई दिल्ली: अगर आप इस साल पहली बार इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों की जानकारी पहले से होना बेहद जरूरी है. कई लोग आईटीआर फाइलिंग को मुश्किल प्रक्रिया मानते हैं, लेकिन सही जानकारी और जरूरी दस्तावेज तैयार होने पर यह काम आसानी से पूरा किया जा सकता है. सही तरीके से रिटर्न भरने से न केवल नियमों का पालन होता है, बल्कि भविष्य में लोन, वीजा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई काम भी आसान हो जाते हैं. 

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि किन लोगों के लिए आईटीआर भरना अनिवार्य है. यदि आपकी आय आयकर नियमों के अनुसार रिटर्न दाखिल करने की श्रेणी में आती है या आपके पास भारत या विदेश में अचल संपत्ति है, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या ईएसओपी में निवेश किया है, तो आपको आईटीआर दाखिल करना चाहिए. इसके अलावा निर्धारित सीमा से अधिक नकद जमा, अधिक बिजली बिल, विदेश यात्रा पर ज्यादा खर्च या अधिक कारोबार होने जैसी स्थितियों में भी रिटर्न दाखिल करना जरूरी हो सकता है.

कौन-कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?

आईटीआर भरने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास तैयार रखें. नौकरीपेशा लोगों के लिए फॉर्म 16 सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जो नियोक्ता की ओर से दिया जाता है. इसके साथ एआईएस और टीआईएस भी डाउनलोड कर लें. इन दस्तावेजों में बैंक ब्याज, निवेश, टैक्स कटौती और अन्य वित्तीय लेनदेन की पूरी जानकारी होती है. इनका मिलान करने से गलत जानकारी भरने की संभावना कम हो जाती है.


किन-किन बातों का रखें ध्यान?

रिटर्न दाखिल करते समय अपनी आय के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है. वेतनभोगी कर्मचारियों और 50 लाख रुपये तक की आय वाले अधिकांश व्यक्तियों के लिए आईटीआर 1 उपयुक्त होता है. यदि आपकी आय शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, पूंजीगत लाभ, किराये या व्यवसाय से है, तो आपको आईटीआर 2 या आईटीआर 3 जैसे उपयुक्त फॉर्म का चयन करना होगा. गलत फॉर्म चुनने पर आपका रिटर्न अमान्य घोषित किया जा सकता है.

कब होता है ई वेरिफिकेशन?

रिटर्न जमा करने के बाद केवल सबमिट करना ही पर्याप्त नहीं होता. आईटीआर दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है. यह प्रक्रिया आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है. यदि तय समय में ई वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो दाखिल किया गया रिटर्न मान्य नहीं माना जाएगा.

पहली बार आईटीआर भरने वाले लोगों को सभी जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए. बैंक खाते, पैन, आधार, आय, टैक्स कटौती और व्यक्तिगत जानकारी सही भरना बेहद जरूरी है. यदि किसी बात को लेकर भ्रम हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा. सही जानकारी और सावधानी के साथ आईटीआर फाइल करने से आप किसी भी तरह की गलती, नोटिस या जुर्माने से बच सकते हैं.