दिवाली पर 7 करोड़ कर्मचारियों को सरकार का तोहफा, अब PF से पूरा पैसा निकाल पाएंगे आप
दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं.
PF Rule Changes Before Diwali: कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले खुशखबरी आई है. सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के नियमों में बड़े बदलाव करते हुए निवेशकों और खाताधारकों के लिए निकासी और सेवा से जुड़े नियमों को बेहद आसान बना दिया है.
श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई EPFO की बैठक में जो फैसले लिए गए हैं, उन्हें लेकर कहा जा रहा है कि यह संगठन के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े सुधारों में से एक हैं,.
अब मिलेगी पूरी राशि निकालने की छूट
EPFO बोर्ड ने आंशिक निकासी के पुराने और जटिल नियमों को खत्म कर दिया है. पहले 13 अलग-अलग श्रेणियों में निकासी के प्रावधान थे, जिन्हें अब तीन मुख्य श्रेणियों में सरल बना दिया गया है- आवश्यक जरूरतें (जैसे बीमारी, विवाह, शिक्षा), आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां (जैसे महामारी या प्राकृतिक आपदा). सबसे बड़ी राहत यह है कि अब सदस्य अपने खाते में जमा पूरी राशि, यानी कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान- 100% तक निकाल सकते हैं. इस निर्णय से लाखों कर्मचारियों को आर्थिक आपात स्थिति में तुरंत राहत मिल सकेगी.
शिक्षा, विवाह और सेवा अवधि के नियमों में ढील
नई नीति के तहत शिक्षा और विवाह के लिए निकासी सीमा को काफी बढ़ाया गया है. अब सदस्य शिक्षा के लिए अपने बैलेंस का 10 गुना और विवाह के लिए 5 गुना तक निकाल सकेंगे. पहले केवल तीन बार आंशिक निकासी की अनुमति थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है. इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 12 महीने कर दिया गया है. यानी अब नए कर्मचारियों को भी जरूरत पड़ने पर राहत मिल सकेगी.
सेवानिवृत्ति के लिए 25% बैलेंस नियम लागू
EPFO ने एक नया प्रावधान जोड़ा है, जिसके तहत हर सदस्य को अपने खाते में कुल जमा राशि का कम से कम 25% हिस्सा बनाए रखना होगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य भविष्य के लिए पर्याप्त बचत कर सकें और ब्याज के रूप में मिलने वाले 8.25% रिटर्न का लाभ लगातार उठाते रहें. सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता में वृद्धि होगी.
निकासी प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और तेज
सबसे बड़ा सुधार यह है कि अब आंशिक निकासी की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है. यानी अब किसी दस्तावेज की फिजिकल कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी. सभी दावे ऑनलाइन स्वत निपटाए जाएंगे और पैसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे. अंतिम निपटान की समय सीमा भी बढ़ाई गई है- EPF निकासी के लिए अब 2 महीने से 12 महीने और पेंशन के लिए 2 महीने से 36 महीने तक का समय दिया जाएगा. इससे कर्मचारियों को निकासी प्रक्रिया में अधिक लचीलापन मिलेगा.
EPFO का यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाला है, बल्कि सरकार की 'डिजिटल इंडिया' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' नीति का भी हिस्सा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से न केवल खाताधारकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि संगठन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता भी आएगी. दिवाली से पहले यह बदलाव देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए किसी बोनस से कम नहीं हैं.