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FASTag में बड़ा बदलाव, अब बिना नया टैग लिए बदलें बैंक; ऐसे करेगा OneTag काम

FASTag यूजर्स के लिए NHAI ने OneTag नाम की नई पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की है. इसके जरिए वाहन पर लगे FASTag को बदले बिना उससे जुड़े बैंक या सेवा प्रदाता को बदला जा सकेगा.

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Edited By: Reepu Kumari
FASTag में बड़ा बदलाव, अब बिना नया टैग लिए बदलें बैंक; ऐसे करेगा OneTag काम
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए एक ऐसा अपडेट आया है, जिससे बैंक बदलने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो सकती है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने Rajmargyatra मोबाइल ऐप पर OneTag सुविधा उपलब्ध कराई है. इसके तहत वाहन पर पहले से लगा FASTag हटाने या नया टैग लेने की जरूरत नहीं होगी. यूजर अपने मौजूदा टैग को दूसरे बैंक या सेवा प्रदाता के साथ जोड़ सकेंगे.

इस सुविधा में सबसे खास बात यह है कि टैग का फिजिकल रूप और उसकी FASTag ID पहले जैसी ही रहेगी. बैंक या सेवा प्रदाता बदलने के बाद भी वाहन मालिक उसी टैग से टोल भुगतान कर सकेगा. NHAI के अनुसार, इसका उद्देश्य यूजर्स को अधिक विकल्प देना और FASTag प्रबंधन को आसान बनाना है. इससे नया टैग जारी कराने, उसे लगाने और उससे जुड़ी प्रक्रिया की जरूरत कम हो सकती है.

Rajmargyatra ऐप पर ऐसे शुरू होगी प्रक्रिया

OneTag का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले Rajmargyatra ऐप में लॉगिन करना होगा. इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके यह जांचना होगा कि मौजूदा FASTag पोर्टेबिलिटी के लिए योग्य है या नहीं. पात्र होने पर मौजूदा सेवा प्रदाता बैंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर छह अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड भेजेगा. इस कोड का सत्यापन पूरा होने के बाद यूजर को वह नया बैंक या सेवा प्रदाता चुनना होगा, जिससे FASTag जोड़ना है.

नए बैंक से जुड़ने के लिए KYC जरूरी

नया सेवा प्रदाता चुनने के बाद ग्राहक को उसके साथ जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके अलावा वॉलेट शुरू करने से संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी. यह प्रक्रिया सफल होने के बाद वही FASTag नए बैंक के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकेगा. यानी बैंक बदलने के लिए वाहन पर लगे टैग को हटाकर नया FASTag लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे उन यूजर्स को सुविधा मिल सकती है, जो मौजूदा टैग बनाए रखते हुए सेवा प्रदाता बदलना चाहते हैं.

पुराने वॉलेट के पैसे का क्या होगा?

बैंक बदलने के बाद पुराना सेवा प्रदाता मौजूदा FASTag वॉलेट को बंद करेगा. इसके बाद लागू समायोजन करने के बाद वॉलेट में बची राशि यूजर को वापस कर दी जाएगी. इसलिए पोर्टेबिलिटी शुरू करने से पहले पुराने FASTag वॉलेट में मौजूद रकम और संबंधित बैंक के नियमों की जानकारी लेना जरूरी होगा. NHAI के अनुसार, एक बार पोर्ट किए गए इंटरऑपरेबल FASTag को दोबारा पोर्ट करने से पहले छह महीने का अंतर रखना होगा. NHAI के मुताबिक, देश में FASTag यूजर्स की संख्या 13 करोड़ से अधिक हो चुकी है और इसकी पहुंच 98 प्रतिशत से ज्यादा है. ऐसे बड़े यूजर आधार के बीच OneTag सुविधा से बैंक बदलने की प्रक्रिया आसान हो सकती है.