नई दिल्ली: EPF खाते में जमा रकम जरूरत के समय बड़ी आर्थिक मदद बनती है. लेकिन जब कर्मचारी PF से पैसा निकालने के लिए क्लेम करता है और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो परेशानी बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में केवल बैंक खाते या KYC की जानकारी ही नहीं, बल्कि अपनी EPFO सर्विस हिस्ट्री भी देखनी चाहिए. नौकरी की शुरुआत और समाप्ति से जुड़ी तारीखों में गलती होने पर PF क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं.
कई बार कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद पुरानी कंपनी की जानकारी दोबारा नहीं देखते. इसी दौरान Employer की ओर से Exit Date अपडेट नहीं होने या गलत तारीख दर्ज होने की स्थिति बन सकती है. रिकॉर्ड में ऐसी गड़बड़ी होने पर नई नौकरी और पुराने PF खाते की जानकारी के बीच मिलान में समस्या आ सकती है. इसलिए नौकरी छोड़ने के बाद अपनी PF सर्विस हिस्ट्री जांचना एक जरूरी कदम माना जाता है.
EPFO रिकॉर्ड में कर्मचारी की नौकरी से जुड़ी Joining Date और Exit Date महत्वपूर्ण जानकारी होती है. अगर इनमें से कोई तारीख गलत दर्ज है या Exit Date मौजूद ही नहीं है, तो PF से जुड़े कुछ कामों में परेशानी आ सकती है. खासकर नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर या क्लेम के दौरान रिकॉर्ड का सही होना जरूरी है. इसलिए किसी भी तरह की समस्या आने का इंतजार करने के बजाय समय रहते जानकारी जांच लेना बेहतर है.
अपना रिकॉर्ड जांचने के लिए EPFO Member Portal पर लॉगइन करें. इसके बाद Service History के विकल्प में जाकर अलग अलग कंपनियों से जुड़ी जानकारी देखें. यहां आपको नौकरी की Joining और Exit Date दिखाई दे सकती है. अगर किसी कंपनी की तारीख गलत है या जानकारी अधूरी है, तो पहले Employer या HR विभाग से संपर्क करना उचित रहेगा. कंपनी के रिकॉर्ड में सुधार होने के बाद EPFO की जानकारी भी सही कराई जा सकती है.
कुछ परिस्थितियों में कर्मचारी EPFO की ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करके जानकारी अपडेट कर सकता है. इसके लिए UAN का आधार से वेरिफाइड होना जरूरी है. Member Portal में लॉगइन करने के बाद Manage विकल्प पर जाएं. वहां Mark Exit का विकल्प चुनें. इसके बाद संबंधित PF खाते को चुनकर सही Exit Date और नौकरी छोड़ने का कारण दर्ज करना होता है. प्रक्रिया पूरी करने के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP से सत्यापन करना पड़ता है.
सही जानकारी दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है. OTP के जरिए पहचान का सत्यापन पूरा होने के बाद अपडेट की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. हालांकि, हर रिकॉर्ड में एक जैसी सुविधा उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है. पुराने रिकॉर्ड या बड़े बदलाव वाले मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता पड़ सकती है. इसलिए अगर ऑनलाइन विकल्प से सुधार नहीं हो रहा है, तो Employer या संबंधित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ना बेहतर रहेगा.
नौकरी बदलने के बाद PF खाते को नजरअंदाज करना आगे चलकर परेशानी पैदा कर सकता है. नई कंपनी में जाने के बाद अपनी EPFO Service History में पुराने और नए रोजगार से जुड़ी जानकारी जांच लेना चाहिए. खासतौर पर Joining और Exit Date सही हैं या नहीं, यह देखना जरूरी है. अगर कोई गलती नजर आती है तो तुरंत Employer या HR से संपर्क करें. रिकॉर्ड सही रहने पर PF ट्रांसफर, क्लेम और पेंशन से जुड़े कामों में अनावश्यक अड़चन से बचा जा सकता है.