कार आज केवल सफर का साधन नहीं, बल्कि लोगों की मेहनत और पहचान का हिस्सा बन चुकी है. ऐसे में जब पार्किंग में खड़ी कार पर अचानक स्क्रैच नजर आए, तो चिंता होना स्वाभाविक है. कई बार यह नुकसान खेलते बच्चों से हो जाता है. तब कार मालिक के मन में पहला सवाल यही उठता है कि क्या ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा. इसी सवाल का जवाब और उससे जुड़े जरूरी नियम जानना हर कार मालिक के लिए फायदेमंद है.
अगर आपकी कार पार्किंग में खड़ी थी और बच्चों की वजह से उस पर स्क्रैच आ गया, तो इसे आमतौर पर आकस्मिक नुकसान माना जाता है. हालांकि क्लेम इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास किस तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी है. केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने पर ऐसे नुकसान का क्लेम नहीं मिलता. यह पॉलिसी सिर्फ दूसरे व्यक्ति या वाहन को हुए नुकसान को कवर करती है.
अगर आपकी कार पर कॉम्प्रिहेंसिव या बंपर टू बंपर इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो स्क्रैच के लिए क्लेम किया जा सकता है. इसमें यह साबित करना जरूरी नहीं होता कि बच्चों की मंशा क्या थी. इंश्योरेंस कंपनी के लिए यह अहम है कि नुकसान अचानक और अनजाने में हुआ हो. हालांकि बहुत हल्के स्क्रैच, जिन्हें सामान्य घिसावट माना जाता है, वे क्लेम के दायरे से बाहर हो सकते हैं.
अगर स्क्रैच सिर्फ पेंट की ऊपरी परत तक सीमित है, तो कई बार इंश्योरेंस कंपनी इसे वेयर एंड टियर मानकर खारिज कर देती है. लेकिन अगर पेंट उखड़ गया हो, बॉडी पर निशान गहरे हों या रिपेयर की लागत ज्यादा हो, तो ऐसे मामलों में क्लेम स्वीकार होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए नुकसान की गंभीरता का सही आकलन बेहद जरूरी है.
स्क्रैच दिखते ही सबसे पहले कार और पार्किंग स्थान की साफ तस्वीरें लें. इससे यह साबित करने में मदद मिलती है कि गाड़ी खड़ी थी. अगर नुकसान ज्यादा है, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में सामान्य शिकायत दर्ज कराना फायदेमंद हो सकता है. क्लेम फॉर्म में सही जानकारी दें और किसी बड़े हादसे की झूठी कहानी न बनाएं, क्योंकि इससे दावा खारिज हो सकता है.
स्क्रैच का क्लेम करने से पहले यह जरूर सोचें कि इससे आपका नो क्लेम बोनस खत्म हो सकता है. कई बार छोटे नुकसान के लिए जेब से खर्च करना ज्यादा समझदारी होती है. रिपेयर की लागत और बोनस से होने वाले नुकसान की तुलना करें. अगर खर्च कम है, तो बिना क्लेम रिपेयर कराना लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है.