नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल की सबसे महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय योजनाओं में से एक 'प्रधानमंत्री जनधन योजना' (PMJDY) ने देश के वित्तीय परिदृश्य को बदल कर रख दिया है. करीब 11 साल पहले शुरू हुई यह पहल आज न केवल गरीबों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ रही है, बल्कि उन्हें संकट के समय 'ओवरड्राफ्ट' (Overdraft) और 'बीमा' जैसा मजबूत सुरक्षा कवच भी प्रदान कर रही है. हालिया आर्थिक सर्वे के अनुसार, मार्च 2025 तक इस योजना के अंतर्गत 55 करोड़ 2 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो इसकी अपार सफलता को दर्शाता है.
जनधन योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी ओवरड्राफ्ट सुविधा है. यह एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है जिसमें खाताधारक के बैंक अकाउंट में पैसे न होने की स्थिति में भी वह बैंक से पैसे निकाल सकता है. वर्तमान नियमों के अनुसार, जनधन खाताधारकों के लिए ओवरड्राफ्ट की सीमा 10,000 रुपये तय की गई है. हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ओवरड्राफ्ट के रूप में ली गई राशि का इस्तेमाल जितने दिनों के लिए किया जाता है, बैंक उस पर उतने ही दिनों का ब्याज वसूलता है. यह सुविधा छोटे व्यापारियों और ग्रामीण आबादी के लिए आपातकालीन स्थिति में संजीवनी का काम करती है.
इस योजना के तहत खाताधारकों को 'रुपे डेबिट कार्ड' (RuPay Debit Card) दिया जाता है, जो दुर्घटना बीमा कवर के साथ आता है. 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए सभी नए खातों के लिए 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि इससे पहले खुले खातों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये थी. इसके अतिरिक्त, यह खाता जीरो बैलेंस पर खुलता है, यानी इसमें न्यूनतम शेष राशि रखने की कोई बाध्यता नहीं होती.
सरकार ने उन लोगों का भी ख्याल रखा है जिनके पास औपचारिक कानूनी दस्तावेज नहीं हैं. ऐसे व्यक्तियों के लिए 'छोटा खाता' (Small Account) खोलने का प्रावधान है. ये खाते शुरुआती 12 महीनों के लिए वैध होते हैं. यदि खाताधारक पहले वर्ष के भीतर आधिकारिक दस्तावेजों के लिए आवेदन का प्रमाण प्रस्तुत कर देता है, तो इसकी वैधता को 12 महीने और बढ़ाया जा सकता है. सामान्य जनधन खाते से महीने में अधिकतम चार बार निकासी की जा सकती है.
जनधन खाता केवल बचत का साधन नहीं है, बल्कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी महत्वपूर्ण कड़ियों को आपस में जोड़ता है. साथ ही, मुद्रा योजना के तहत लोन लेने के लिए भी ये खाते पात्र माने जाते हैं, जिससे लाभार्थियों को वित्तीय स्थिरता प्राप्त होती है.