नई दिल्ली. भारत में पिछले दो महीनों से टमाटर के दामों ने लोगों को रुलाया है. हालांकि, अब धीरे-धीरे करके इसके दामों में गिरावट आ रही है. फिर भी टमाटर इतना महंगा है कि कई घरों में बिना टमाटर के ही सब्जी बन रही है. देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है. इसके चलते कई मौसमी फलों के दामों में भी आग लग सकती है. आग लगने से तात्पर्य महंगा होना है. टमाटर, मिर्च और अदरक ने लोगों के आंसू तो निकाल ही दिए हैं. अब बारी है सेब की. जी हां सेब. हिमालचल प्रदेश में बादलों का कहर जारी है. भारी बारिश की वजह से सेब की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है.
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टाइम्स ऑफ इंडिया से एक खरीदार ने बात करते हुए बताया है कि पिछले हफ्ते के मुताबिक सेब की कीमत बढ़ गई है. अभी पिछले दिनों 150 रुपए किलो सेब खरीदा था अब इसकी कीमत 180 रुपए हो गई है.
ग्राहक ने बताया कि शिमला के रोहड़ू, कुल्लू-मनाली के कुछ हिस्सों और जम्मू-कश्मीर में सेबों का उत्पादन भारी मात्रा में होता है. इस बार हिमाचल में इसकी पैदावार में कमी आई है.
भारी बारिश की वजह से सेब के पेड़ उजड़ गए हैं. फल क्षतिग्रस्त होकर खराब हो गए हैं. सेब ले जाने वाले वाहन रास्ते में फंस गए हैं. ऐसे में बाजारों में सेब पहुंच नहीं पा रहा है. जब कोई सामाना पहुंचेगा ही नहीं तो उसकी कीमत अपने आप बढ़ जाएंगी.
पिछले साल सेब से भरा 25-26 किलोग्राम का एक टोकरा 2,800 रुपए में मिलता था. इस बार इसकी कीमत अब तक 3,800 रुपए पहुंच चुकी है.
विनायक काची नाम के एक सज्जन ने सेबों की कीमतों को लेकर टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि इस बार मार्केट में सेब का फ्लो बहुत कम होगा. ऐसे में कीमतें आसमान छू सकती हैं. अब किसान सेब के पैकेज का आकार कम कर रहा है. पहले 25 किलो के बॉक्स में सेब आते थे. अब इसे 10 किलो के रॉयल गाला बॉक्स में ही बेचा जा रहा है.
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