menu-icon
India Daily

3 साल में चाहिए 1 करोड़? अंकुर वारिकू ने बताया निवेश में कहां गलती करते हैं समझदार लोग

फिनफ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने कम समय में अमीर बनने की चाहत पर सवाल उठाए हैं. उनके मुताबिक, निवेश में धैर्य, समय और कंपाउंडिंग की अहम भूमिका होती है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
3 साल में चाहिए 1 करोड़? अंकुर वारिकू ने बताया निवेश में कहां गलती करते हैं समझदार लोग
Courtesy: pinterest

पैसा कमाना और आर्थिक रूप से मजबूत बनना कई लोगों का सपना होता है. कोई एक करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहता है, तो कोई अपना घर खरीदने की योजना बनाता है. लेकिन कई बार लोग बड़े वित्तीय लक्ष्य हासिल करने के लिए बहुत कम समय तय कर लेते हैं. उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया पर साझा एक अनुभव के जरिए इसी सोच पर सवाल उठाए हैं.

25 लाख की बचत के बाद भी जल्दबाजी

वारिकू ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में एक महिला के ईमेल का जिक्र किया. महिला अच्छी नौकरी करती है, अच्छी कमाई करती है और उसे निवेश का अनुभव भी है. इसके बावजूद वह अगले तीन से चार साल में एक करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहती है.

महिला पहले ही करीब 25 लाख रुपए की बचत कर चुकी है. वारिकू ने उसकी बचत को सराहनीय बताया, लेकिन साथ ही समझाया कि कम समय में बड़ा फंड बनाने की इच्छा निवेशकों पर अनावश्यक दबाव डाल सकती है. केवल लक्ष्य बड़ा होने से उसे तय समय में हासिल करना संभव नहीं हो जाता.

कंपाउंडिंग के लिए जरूरी है समय

कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर अतिरिक्त रिटर्न कमाने में मदद करता है. समय के साथ इसका असर बढ़ सकता है. हालांकि, शुरुआती वर्षों में निवेश की बढ़ोतरी धीमी महसूस हो सकती है. ऐसे में कुछ निवेशक धैर्य खोकर जल्दी मुनाफा कमाने के विकल्प तलाशने लगते हैं.

वारिकू का कहना है कि निवेश में लंबे समय तक बने रहना महत्वपूर्ण है. युवाओं को यह समझना चाहिए कि संपत्ति बनाने की प्रक्रिया में समय लगता है और हर वित्तीय लक्ष्य कुछ ही वर्षों में हासिल नहीं किया जा सकता.

जल्दी अमीर बनने के लालच से बचें

वारिकू ने जल्दी अमीर बनने की चाहत को जोखिम भरा बताते हुए लॉटरी का उदाहरण दिया. उनका संदेश है कि निवेश के जरिए संपत्ति बनाने के लिए समय और कंपाउंडिंग पर भरोसा करना जरूरी है. जब लोग धीमी बढ़त से निराश होकर बहुत ज्यादा रिटर्न का वादा करने वाली योजनाओं की ओर जाते हैं, तो उनके धोखाधड़ी का शिकार होने का खतरा बढ़ सकता है.

इसलिए निवेश का फैसला केवल जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में नहीं करना चाहिए. जोखिम, संभावित रिटर्न और निवेश की अवधि को समझना भी जरूरी है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई सहमति

वारिकू की पोस्ट पर कई यूजर्स ने धैर्य और अनुशासन के महत्व पर सहमति जताई. एक यूजर ने कहा कि निवेश में जल्दबाजी के कारण लिया गया गलत फैसला किसी व्यक्ति को आर्थिक लक्ष्य से वर्षों पीछे कर सकता है. दूसरे यूजर ने मानसिक शांति को भी जीवन की अहम पूंजी बताया. पोस्ट पर आई प्रतिक्रियाओं का मुख्य संदेश यही रहा कि टिकाऊ आर्थिक प्रगति हमेशा तय समयसीमा के मुताबिक नहीं होती. निवेश में धैर्य रखना भी एक महत्वपूर्ण रणनीति है.