क्या हिंडनबर्ग का Iceberg फिर डुबोएगा अडाणी के शेयरों का Titanic, समझें किस चीज के लिए शानदार मौका
इससे पहले जब जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग की पहली रिपोर्ट आई थी, उस समय अडाणी समूह के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी गई थी और समूह को 150 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था. अब हिंडनबर्ग ने बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन पर ही आरोप लगा दिए हैं.
Hindenburg 2.0: अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट ने भारत में भूचाल ला दिया है. अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर इस रिपोर्ट का क्या असर होगा, सोमवार को बाजार खुलते ही यह देखने वाली बात होगी. हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया है कि सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति की अडानी समूह से जुड़े ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी.
पहले डूब गए थे अडाणी समूह के 150 बिलियन डॉलर
इससे पहले जब जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग की पहली रिपोर्ट आई थी, उस समय अडाणी समूह के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी गई थी और समूह को 150 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ था. अब हिंडनबर्ग ने बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन पर ही आरोप लगा दिए हैं. हालांकि अडाणी समूह और सेबी की अध्यक्ष बुच ने हिंडनबर्ग के आरोपों का खंडन किया है लेकिन बाजार और अडाणी समूह के स्टॉक्स पर इस खबर का कितना असर होगा सोमवार को यह देखने वाली बात होगी.
बाजार पहले ही पचा चुका है
इस रिपोर्ट पर वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी के निदेशक क्रांति बाथिनी ने कहा, 'अगर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में ऐसे मुद्दे उठाए गए हैं जो अडाणी समूह की आय को प्रभावित कर सकते हैं तो उन्हें अधिक चिंता होगी.' उन्होंने कहा कि सेबी अध्यक्ष पर लगे आरोपों के अलावा रिपोर्ट की अधिकांश बातें पहले से ही बाजार को पता हैं. ऐसी रिपोर्ट कुछ समय पहले से ही प्रसारित हो रही हैं. बाथिनी ने कहा कि एक दो दिन की गिरावट को छोड़कर मुझे नहीं लगता कि इस रिपोर्ट का अडाणी समूह के शेयरों को ज्यादा नुकसान होगा या उनमें ज्यादा गिरावट आएगी क्योंकि बाजार पहले से ही इन खबरों को पचा चुका है.
यह नई बोतल में पुरानी शराब
वहीं वेंचुरा सिक्योरिटीज के विनीत बोलिन्जकर ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर कहा कि वह इन आरोपों को गंभीर नहीं मानते. उन्होंने कहा, 'वे एक ही बात दोहरा रहे हैं. वे बिना किसी सबूत के एक घटना को दूसरे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. यह नई बोतल में पुरानी शराब जैसा है जिसे फिर से इस्तेमाल किया गया है जो निराशाजनक है.'
कुछ समय के लिए दिख सकता है असर
बोलिन्जकर ने कहा कि हालांकि इस रिपोर्ट से अडाणी समूह के शेयरों पर कम समय के लिए कुछ असर हो सकता है लेकिन उन्हें जल्द ही संभल जाना चाहिए. वहीं बाथिनी ने कहा कि अडाणी समूह के शेयरों में अगर कोई गिरावट आती है तो यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकती है.
हिंडनबर्ग के आरोप गंभीर
हालांकि नाम न बताने की शर्त पर बाजार के एक एक्सपर्ट ने कहा कि सेबी के मौजूदा अध्यक्ष पर जो आरोप लगे हैं वे गंभीर है. यह पहली बार हो सकता है कि सेबी के अध्यक्ष पर उंगली उठ रही हो. बाजार पर इसका असर हो सकता है क्योंकि जो भी कहा गया है वह गंभीर है. उन्होंने कहा कि हालांकि सेबी अध्यक्ष ने आरोपों का खंडन किया है लेकिन यह तो अपेक्षित है और यह देश में एक राजनीतिक मुद्दा बन सकता है.