घर के अंदर भी घुट रहा है दम? एयर प्यूरीफायर खरीदने से पहले ये तीन बातें जरुर जानें

प्रदूषण बढ़ने के साथ घर के अंदर साफ हवा पाना भी चुनौती बन गया है. ऐसे में कई लोग एयर प्यूरीफायर खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन बाजार में विकल्प बहुत हैं

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Reepu Kumari

देश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता गिरती जा रही है. बाहर की धूल, धुआं और बारीक प्रदूषण कण घर के भीतर तक पहुंच सकते हैं, इसलिए घर में भी साफ हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है. इसी वजह से कई परिवार एयर प्यूरीफायर लेने की सोच रहे हैं. लेकिन बाजार में अलग-अलग कंपनियों के ढेरों मॉडल हैं. किसी में HEPA फिल्टर है, तो किसी में एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर और स्मार्ट फीचर. इसलिए सिर्फ कीमत और ब्रांड देखकर फैसला न करें. खरीदने से पहले तीन बातों का ध्यान जरूर रखें.

कमरे के आकार के हिसाब से चुनें

सबसे पहले देखें कि प्यूरीफायर कितने बड़े कमरे के लिए बना है. बड़े कमरे में कम क्षमता वाला मॉडल हवा को उतनी तेजी से साफ नहीं कर पाएगा. इसके लिए CADR यानी क्लीन एयर डिलीवरी रेट देखें. बड़े कमरे के लिए ज्यादा CADR वाला मॉडल बेहतर रहता है, जबकि छोटे कमरे में कम क्षमता वाला भी चल सकता है. प्रदूषण का स्तर भी मायने रखता है.

फिल्टर पर दें खास ध्यान

फिल्टर प्यूरीफायर का सबसे अहम हिस्सा है. अच्छी क्वालिटी का HEPA फिल्टर धूल, परागकण और PM2.5 जैसे बारीक कणों को हटाने में मदद करता है. अगर आसपास गाड़ियों का धुआं या खाने की गंध ज्यादा रहती है, तो एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर उपयोगी हो सकता है. हालांकि हर फिल्टर हर प्रदूषण को नहीं हटाता, इसलिए पहले जांच लें कि वह क्या-क्या हटाने में सक्षम है.


फिल्टर बदलने का खर्च भी जांचें

कई लोग सिर्फ कीमत देखते हैं, पर बाद में फिल्टर बदलने का खर्च बजट पर भारी पड़ सकता है. पता कर लें कि फिल्टर कितने समय में बदलना पड़ेगा और नया फिल्टर कितने रुपये का आएगा. यह भी देखें कि आपके शहर में ओरिजिनल फिल्टर आसानी से मिलते हैं या नहीं. रोज कई घंटे चलाने पर बिजली की खपत और शोर का स्तर भी देखना चाहिए.

इन बातों का भी रखें ध्यान

एयर क्वालिटी इंडिकेटर वाला मॉडल कमरे की हवा की स्थिति समझाने में मदद करता है. ऑटो मोड होने पर डिवाइस सेंसर के हिसाब से अपनी रफ्तार बदल लेता है. घर में बच्चे, बुजुर्ग या पालतू जानवर हों, तो प्यूरीफायर ऐसी जगह रखें जहां हवा का आना-जाना सही रहे. ध्यान रहे, यह प्रदूषण से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, इसलिए सुरक्षित वेंटिलेशन भी जरूरी है.