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भारत में AI की तेज रफ्तार, क्या बन रहा है नया पावरहाउस; जानें महत्व

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत में किस तरह से आगे बढ़ रहा है, यह भारत के लिए क्यों जरूरी है और भारत को इससे कितनी मदद मिल सकती है, चलिए जानते हैं.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस… यह काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज हमारी लाइफ की लगभग हर बात या काम में एआई का बड़ा रोल है. भारत में AI तेजी से बढ़ रहा है. इसके कई आस्पेक्ट हैं, जिसमें एक बड़ा डिजिटल यूजर बेस, तेज से बढ़ता स्टार्टअप ईकोसिस्टम और 1.2 बिलियन डॉलर के इंडियाAI मिशन जैसी मजबूत सरकारी पहल शामिल हैं. 

भारत में AI के बढ़ने का मकसद डॉमेस्टिक कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और सॉवरेन AI को बढ़ावा देना है. यह ग्रोथ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में काफी मदद करती है. इसके साथ ही AI-इनेबल्ड गवर्नेंस के जरिए पब्लिक सर्विसेज को बेहतर बनाने और इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए भी AI बेहद जरूरी हो चला है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि AI 2030 तक भारत की GDP में अरबों डॉलर जोड़ सकता है.

क्यों बढ़ रहा है भारत में AI?

AI टूल्स का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट भारत है. इसमें ChatGPT और क्लाउड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. सरकारी सपोर्ट और पॉलिसी की बात करें तो भारत 1.2 बिलियन डॉलर के इंडियाAI मिशन कंप्यूट कैपेसिटी (10,000+ GPUs) बनाने, डाटासेट बनाने और AI स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने पर फोकस कर रहा है. अगर ऐसा हो जाता है तो भारत को AI में तेजी से ग्रोथ करने से कोई नहीं रोक पाएगा.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में डाटा सेंटर्स मौजूद हैं, जिसमें बड़े इन्वेस्टमेंट AI के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराए जाते हैं. इसके साथ ही स्टार्टअप्स का बढ़ता हुआ इकोसिस्टम लोकल माहौल, खेती और हेल्थकेयर के हिसाब से AI सॉल्यूशन डेवलप करने में तेजी से मदद कर रहा है.

आखिर भारत के लिए क्यों जरूरी है AI?

इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए भारत में AI काफी जरूरी हो गया है. साल 2030 तक भारत की जीडीपी में भी काफी बढ़ोतरी हो सकती है. AI हेल्थकेयर में भी क्रांति आने की उम्मीद है. सिर्फ इतना ही नहीं, AI का इस्तेमाल कोर्ट के फैसलों में भी किया जा सकता है. आसान भाषा में कोर्ट के फैसले को समझाने में इस तरह के एआई टूल्स मदद कर सकते हैं. इसके अलावा पब्लिक सर्विस डिलीवरी में भी एफिशिएंसी सुधारी जा सकेगी. 

एआई नौकरी जनरेट करने में भी मदद करेगा. इससे नई नौकरियां और स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद करेगा. इससे ह्यूमन वर्क को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. यह ह्यूमन की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके काम को बढ़ाएगा, जिससे नौकरियां जनरेट होंगी. भारत को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने और सस्टेनेबल इकॉनमी में बदलने के लिए AI काफी मदद कर सकता है.