नई दिल्ली: WhatsApp का इस्तेमाल आज करोड़ों लोग परिवार, दोस्तों और ऑफिस के काम के लिए करते हैं. लेकिन साइबर स्कैम इसी लोकप्रिय ऐप का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हैदराबाद पुलिस ने WhatsApp पर आने वाले संदिग्ध मैसेज को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को एक ऐसे फ्रॉड का सामना करना पड़ा, जिसमें उसे हजारों नहीं बल्कि लाखों का नुकसान हुआ.
इस स्कैम से कैसे बचना है, यह लोगों को समझना बेहद जरूरी है. इस स्कैम में अगर कोई व्यक्ति WhatsApp पर केवल No लिखकर भेजता है तो उससे भी बैंक अकाउंट खाली हो सकता है. हालांकि, सिर्फ ऐसा करने से ही अकाउंट खाली नहीं हो जाता है. बल्कि इसमें और भी कई बातें हैं, जो बैंक अकाउंट खाली कर देती हैं. चलिए जानते हैं WhatsApp पर यह नया स्कैम कैसे किया जा रहा है.
इस स्कैम में एक अनजान नंबर से WhatsApp पर मैसेज आता है. इस मैसेज में लिखा होता है कि यूजर के बैंक अकाउंट से पैसे कट गए हैं. अगर आपने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो No लिखकर भेज दें. इस तरह का मैसेज देखते ही लोग घबरा जाते हैं. वो घबराहट में No लिखकर भेज देते हैं. इसी का फायदा उठाकर स्कैमर बातचीत करना शुरू कर देते हैं. स्कैमर लोगों से उनकी निजी जानकारी शेयर करना शुरू कर देते हैं.
कई लोगों को लगता है कि बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के लिए OTP या पासवर्ड जानना जरूरी है. लेकिन साइबर क्रिमिनल फेक लिंक, फर्जी वेबसाइट, स्कैम वाले फोन कॉल और खतरनाक ऐप के जरिए भी लोगों को निशाना बना सकते हैं. इसलिए अगर कभी आपके पास पैसे कटने का मैसेज आता है, तो WhatsApp पर जवाब देने के बजाय बैंक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से अकाउंट की जांच करें. जरूरत पड़ने पर बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर कॉन्टैक्ट करें.
अनजान नंबर से आए संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें.
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.
मैसेज में दिए गए लिंक से ऐप डाउनलोड न करें.
OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें.
फोन और WhatsApp को अपडेट रखें.
बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचना दें.
अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करके अकाउंट या संबंधित पेमेंट को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं. भारत में साइबर फाइनेंशियल स्कैम की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया जा सकता है. आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.