Budget 2026: क्या स्मार्टफोन मार्केट के लिए राहत भरी खबर लाएगा ये बजट? यहां जानें
केंद्रीय बजट 2026-2027 आज पेश किया जा रहा है, जिसके बाद स्मार्टफोन मार्केट में भी कुछ राहत मिल सकती है. चलिए जानते हैं क्या हो सकता है बदलाव…
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-2027 को आज पेश किया जाएगा. इस बजट को लेकर जिस तरह से हर वर्ग के लोग चितिंत है, उसी तरह से टेक इंडस्ट्री में एक सवालों की बौछार है. इसमें एक सवाल टॉप पर है कि क्या इस साल स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं. कंज्यूमर्स, एक्सपर्ट्स और यहां तक कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों समेत कई स्टेकहोल्डर्स इसी वजह से बजट का इंतजार कर रहे हैं.
बता दें कि भारत दुूनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है. लोग डिजिटली तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है. लोग डिजिटल तौर पर काफी फास्ट होते जा रहे हैं, जिससे स्मार्टफोन एक बड़ी जरूरत बन चुका है. स्मार्टफोन के सस्ते या महंगे होने का सवाल स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए बहुत जरूरी है.
क्या बढ़ जाएंगी स्मार्टफोन की कीमतें:
पिछले 2-3 सालों से भारतीय स्मार्टफोन कंपनियां तेजी से मार्केट में कदम रख रही हैं. चीनी स्मार्टफोन मार्केट शेयर को भी इन कंपनियों ने काफी कम किया है. इससे चीनी कंपनियों को अपने डिवाइस की कीमतें थोड़ी कम करनी पड़ी हैं. हालांकि, इस साल ऐसा होना थोड़ा मुश्किल लग रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि AI कंपनियों से बढ़ती डिमांड के कारण चिपसेट महंगे हो रहे हैं. इसके अलावा, टैरिफ लगाने की वजह से सप्लाई चेन की समस्याओं का भी स्मार्टफोन की कीमतों पर असर पड़ सकता है.
केंद्रीय बजट में स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए क्या रहेगा फोकस?
इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के अनुसार, कैमरा मॉड्यूल, बैटरी, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और दूसरे जरूरी पार्ट्स जैसे मुख्य स्मार्टफोन कंपोनेंट्स का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरर बनने पर ध्यान देना होगा. यह बेहद ही जरूरी है. इससे भारत सप्लाई चेन का एक स्ट्रेटेजिक हिस्सा बन जाएगा. भारत को इस समय रिसर्च और डेवलपमेंट, सिस्टम डिजाइन और सॉफ्टवेयर-ड्रिवन इनोवेशन पर भी ज्यादा जोर देने की जरूरत है.
इस बार बजट में स्मार्टफोन इंडस्ट्री को लेकर कुछ नरम रुख अपना सकती है. खबरों के अनुसार, जीएसटी भी कुछ कम की जा सकती है. इसके अलावा OEMs बहुत अनिश्चित सप्लाई चेन के कारण होने वाले प्राइस में उतार-चढ़ाव को भी काफी हद तक एडजस्ट कर सकती है. इससे फोन की कीमत को कम होने में मदद मिल सकती है. इससे एंट्री से मिड लेवल के कंज्यूमर्स 5G एक्सपीरियंस में अपग्रेड कर पाएंगे.