नया फोन खरीदने से पीछे हट रहे लोग! रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की डिमांड में आया उछाल, जानें क्या है वजह

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. नए फोन की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. नए फोन की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इन फोन्स की डिमांड में करीब 13% तक का उछाल आया है. 20,000 रुपये से 45,000 रुपये के बजट में ग्राहक पुराने प्रीमियम iPhone और Samsung स्मार्टफोन खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. ऐसा करने से यूजर्स को कम बजट में बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसर और प्रीमियम फीचर्स वाला फोन इस्तेमाल करने का विकल्प मिल रहा है.

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग क्यों बढ़ रही है?

स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले चिपसेट, कैमरा और दूसरी तकनीकों की लागत बढ़ने से नए फोन महंगे हो रहे हैं. ऐसे में ग्राहकों के लिए बजट में अच्छा स्मार्टफोन खरीदना मुश्किल हो रहा है. इसी वजह से लोग रिफर्बिश्ड फोन की तरफ रुख किया जा रहा है. ये ऐसे स्मार्टफोन होते हैं, जिन्हें दोबारा बेचने से पहले पूरी तरह चेक किया जाता है. जरूरत पड़ने पर इनके खराब हिस्सों की मरम्मत या उन्हें बदला भी जाता है.

20,000 रुपये से 45,000 रुपये में मिल सकते हैं प्रीमियम फोन:

इस बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने पर ग्राहकों को आमतौर पर मिड-रेंज मॉडल मिलते हैं. वहीं, रिफर्बिश्ड मार्केट में इसी कीमत के आसपास पुराने प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने का मौका मिल सकता है. iPhone और Samsung के पुराने फ्लैगशिप मॉडल बेहतर कैमरा, अच्छी बिल्ड क्वालिटी और दमदार परफॉर्मेंस के लिए पसंद किए जाते हैं. 


नए प्रीमियम फोन की कीमत 70,000 रुपये से 1 लाख या उससे ज्यादा हो सकती है. ऐसे में कम बजट वाले ग्राहक पुराने मॉडल पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, हर फोन की कीमत उसकी उम्र, कंडीशन, स्टोरेज और वारंटी पर निर्भर करती है.

रिफर्बिश्ड और सेकंड-हैंड फोन में क्या है अंतर?

सेकंड-हैंड फोन को अक्सर उसकी मौजूदा स्थिति में बेच दिया जाता है. इसके मुकाबले रिफर्बिश्ड फोन को दोबारा बिक्री से पहले जांचने और जरूरत के अनुसार मरम्मत करने के पूररे प्रोसेस से गुजारा जाता है. इसमें स्क्रीन, बैटरी, कैमरा, स्पीकर और दूसरे जरूरी हिस्सों की जांच की जा सकती है. हालांकि, जांच की क्वालिटी सेलर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. इसलिए फोन खरीदने से पहले उसकी स्थिति और मरम्मत का रिकॉर्ड जरूर पूछें.

वारंटी और EMI का भी मिल रहा विकल्प:

कुछ ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेता रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन पर 6 महीने से 1 साल तक की वारंटी देते हैं. कुछ जगह EMI और सीमित अवधि में फोन बदलने की सुविधा भी मिल सकती है. लेकिन खरीदारी से पहले वारंटी की शर्तें, रिटर्न पॉलिसी और रिप्लेसमेंट के नियम ध्यान से पढ़ें. यह भी पता करें कि वारंटी में बैटरी और स्क्रीन जैसी चीजें शामिल हैं या नहीं.

फोन खरीदने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

  • बैटरी की हेल्थ और बैकअप की जानकारी लें.

  • स्क्रीन और कैमरा समेत सभी फीचर्स इस्तेमाल करके चेक करें

  • फोन को सुरक्षा अपडेट मिलेंगे या नहीं, ये जरूर चेक करें.

  • फोन का IMEI नंबर और बिल की जानकारी जांचें.

  • फोन किसी भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें और लिखित वारंटी जरूर लें.

छोटे शहरों में भी बढ़ रही लोकप्रियता:

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग अब केवल दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों और कस्बों में भी लोग कम कीमत में अच्छे फीचर्स वाले फोन खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इस मार्केट के बढ़ने से पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का दोबारा इस्तेमाल भी बढ़ सकता है, जिससे ई-वेस्ट कम करने में मदद मिल सकती है.