बेंगलुरु में किराए के विवाद में खूनी खेल, बेंगलुरु में वकील की गोली मारकर हत्या
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में 42 वर्षीय वकील मंजूनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. शुरुआती जांच में किराया नहीं देने को लेकर दो किराएदारों से विवाद की बात सामने आई है.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में किराए को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 42 वर्षीय मंजूनाथ के रूप में हुई है. वारदात व्हाइटफील्ड थाना क्षेत्र के पट्टनदूर अग्रहारा इलाके में हुई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंजूनाथ के मकान में रहने वाले दो किराएदारों से किराया नहीं देने को लेकर विवाद चल रहा था.
पुलिस के मुताबिक, घटना रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच हुई. गोलीबारी से करीब एक घंटे पहले मंजूनाथ और आरोपियों के बीच बहस हुई थी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मंजूनाथ के मकान में किराएदार थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बहस के बाद ऐसा क्या हुआ, जिसके चलते मामला गोलीबारी तक पहुंच गया.
फोन पर भी हुई थी दोनों पक्षों की बातचीत
व्हाइटफील्ड के डीसीपी सैदुलु अवत के मुताबिक, घटना से करीब एक घंटे पहले दोनों पक्षों के बीच बातचीत और बहस हुई थी. परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि विवाद में शामिल लोग एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच फोन पर भी बातचीत हुई थी. हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि फोन पर किस मुद्दे को लेकर बात हुई थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है.
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पुलिस वेरिफिकेशन पर फिर उठे सवाल
वकील की हत्या के बाद किराएदारों के पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. डीसीपी सैदुलु अवत ने बताया कि पुलिस लगातार मकान मालिकों को किराएदारों का सत्यापन कराने के लिए जागरूक करती है. इसके लिए जन शिकायत बैठकों, साप्ताहिक बीट मीटिंग, अपराध जागरूकता कार्यक्रमों और अलग-अलग अभियानों का इस्तेमाल किया जाता है.
मकान मालिकों से पुलिस ने की अपील
पुलिस के मुताबिक, पर्चों, व्हाट्सऐप ग्रुप और अन्य माध्यमों से भी लोगों को किराएदारों के सत्यापन के बारे में जानकारी दी जाती है. मकान मालिकों से अपील की जाती है कि किसी व्यक्ति को मकान किराए पर देने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं. यह सलाह दूसरे राज्यों और देशों से काम के लिए बेंगलुरु आने वाले लोगों पर भी लागू होती है.
पिछली गतिविधियों की जानकारी जुटाने में मदद
डीसीपी ने बताया कि कुछ मकान मालिक खुद आगे आकर किराएदारों का सत्यापन कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी और लोगों को इसके लिए आगे आने की जरूरत है. पुलिस का कहना है कि वेरिफिकेशन के जरिए किराएदारों की पिछली गतिविधियों और संभावित आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है. फिलहाल मंजूनाथ की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों और हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने में जुटी है.