डेलॉइट के पूर्व चेयरमैन PR रमेश ने थामा वर्स इनोवेशन का हाथ! डेलीहंट-जोश की कंपनी को मिला गवर्नेंस का 'बड़ा दिमाग'

दिल्ली स्थित वर्स इनोवेशन ने पूर्व डेलॉइट इंडिया चेयरमैन पीआर रमेश को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है. वे कंपनी के ऑडिट कमिटी की अध्यक्षता भी करेंगे. यह कदम मजबूत गवर्नेंस और वित्तीय अनुशासन के लिए उठाया गया है, खासकर पिछले ऑडिट संबंधी चिंताओं के बाद. कंपनी डेलीहंट और जोश ऐप की पैरेंट फर्म है. 

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Kuldeep Sharma

बेंगलुरु की वर्स इनोवेशन, जो लोकप्रिय न्यूज एग्रीगेटर डेलीहंट और शॉर्ट वीडियो ऐप जोश की मालिक है, ने अपने बोर्ड में एक अनुभवी नेता को शामिल किया है. पूर्व डेलॉइट इंडिया चेयरमैन पीआर रमेश अब कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन गए हैं और वे बोर्ड की ऑडिट कमिटी की कमान संभालेंगे. यह नियुक्ति कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग, आंतरिक नियंत्रण, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है. वर्स इनोवेशन ने अब तक 2 अरब डॉलर से ज्यादा फंडिंग जुटाई है और इसकी वैल्यूएशन लगभग 5 अरब डॉलर है. कंपनी सीपीपीआईबी, लुपा सिस्टम्स, जेड47 और अन्य बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है.

पीआर रमेश को है चालीस साल का अनुभव

पीआर रमेश ऑडिट और गवर्नेंस के क्षेत्र में चालीस साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं. उन्होंने डेलॉइट इंडिया की अध्यक्षता की और ग्लोबल बोर्ड में भी सेवा दी. वर्तमान में वे एयर इंडिया, सिप्ला, नेस्ले इंडिया और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के बोर्ड में हैं या रह चुके हैं. उनकी नियुक्ति वर्स इनोवेशन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कंपनी तेजी से बढ़ रही है और बड़े पैमाने पर काम कर रही है. रमेश वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही पर जोर देते हैं.

ऑडिट कमिटी की जिम्मेदारी

नई भूमिका में पीआर रमेश वित्तीय रिपोर्टिंग की सत्यता, आंतरिक नियंत्रण, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑडिट प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे. पिछले साल फाइनेंशियल ईयर 2024 के ऑडिट में डेलॉइट ने कंपनी के आंतरिक नियंत्रण में कुछ मटेरियल वीकनेस की ओर इशारा किया था. हालांकि इससे कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल्स पर ऑडिटर की राय प्रभावित नहीं हुई. अब रमेश इन कमजोरियों को दूर करने और मजबूत सिस्टम बनाने में मदद करेंगे.

कंपनी का बैकग्राउंड और फंडिंग

वर्स इनोवेशन ने 2022 में सीपीपीआईबी के नेतृत्व में 805 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिससे उसकी वैल्यूएशन 5 अरब डॉलर के करीब पहुंच गई. कंपनी के निवेशकों में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, ओंटारियो टीचर्स पेंशन फंड, जेम्स मर्डोक की लुपा सिस्टम्स और जेड47 शामिल हैं. डेलीहंट और जोश के जरिए कंपनी भारत के डिजिटल लैंडस्केप में काफी बड़ा बिजनेस बना चुकी है. फाउंडर्स उमंग बेदी और विरेंद्र गुप्ता के साथ बोर्ड में कई ग्लोबल निवेशक शामिल हैं.

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पीआर रमेश ने क्या कहा?

पीआर रमेश ने कहा कि वर्स इनोवेशन ने भारत के डिजिटल क्षेत्र में शानदार स्केल बनाया है. इतने बड़े स्केल के साथ गवर्नेंस सिस्टम, फाइनेंशियल कंट्रोल और रिस्क ओवरसाइट को विकास के साथ रखना जरूरी है. उन्होंने बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर अनुशासन और जवाबदेही पर आधारित मजबूत फ्रेमवर्क बनाने का संकल्प जताया. उनका मानना है कि मजबूत संस्थान सिर्फ इनोवेशन से नहीं बल्कि अनुशासन से बनते हैं.

कंपनी का भविष्य और उम्मीदें

फाउंडर उमंग बेदी ने रमेश की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि मजबूत गवर्नेंस और फाइनेंशियल डिसिप्लिन किसी कंपनी को लंबे समय तक टिकाए रखते हैं. रमेश का अनुभव कंपनी को सस्टेनेबल ग्रोथ की ओर ले जाने में अहम होगा और इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा. यह कदम वर्स इनोवेशन को अगले चरण की तैयारी में मदद करेगा जहां फोकस इनोवेशन के साथ अनुशासन पर रहेगा.