ChatGPT ने बदल दी किस्मत, रातोंरात OpenAI के 75 कर्मचारियों ने कमाए 250 करोड़ से ज्यादा; जानें कैसे

OpenAI के 75 कर्मचारियों ने शेयर बेचकर 200 से 250 करोड़ रुपये तक कमाए. चलिए जानते हैं कैसे ChatGPT की सफलता के बाद कंपनी की वैल्यू तेजी से बढ़ी है.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और फिलहाल इस ट्रेंड से सबसे ज्यादा फायदा OpenAI के कर्मचारियों को होता दिख रहा है. ChatGPT बनाने वाली कंपनी ने अपने कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने का मौका दिया, जिसकी वजह से सैकड़ों लोग करोड़पति बन गए.

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने पिछले साल एक बड़ा शेयर-बिक्री प्रोग्राम चलाया था. इस पहल के तहत मौजूदा और पूर्व दोनों तरह के कर्मचारियों को अपनी इक्विटी होल्डिंग्स बाहरी निवेशकों को बेचने की अनुमति दी गई थी.

कितने कर्मचारियों ने लिया हिस्सा?

इस पूरी प्रक्रिया में 600 से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल मिलाकर अरबों डॉलर के शेयर बिके. बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों ने लगभग 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचे.

अगर भारतीय रुपये में हिसाब देखा जाए तो यह आंकड़ा लगभग ₹200 से ₹250 करोड़ बैठता है. यह इस बात का साफ संकेत है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस मौजूदा दौर में टेक कंपनियों में काम करने वाले लोगों ने कमाई की कितनी जबरदस्त क्षमता हासिल कर ली है.

कैसे आया बदलाव?

दरअसल ChatGPT के लॉन्च के बाद OpenAI के मूल्यांकन में जबरदस्त उछाल आया. कुछ ही साल पहले कंपनी का बाजार मूल्य काफी कम था लेकिन अब इसने खुद को दुनिया की सबसे बड़ी निजी स्वामित्व वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक के तौर पर स्थापित कर लिया है. अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल कंपनी का मूल्यांकन सैकड़ों अरब डॉलर में है.

इस शेयर-बिक्री इवेंट के दौरान लगभग 75 कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ. इन लोगों ने कंपनी द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा तक अपने शेयर बेचे और हर व्यक्ति ने लाखों डॉलर कमाए. यह मौका उन लोगों के लिए खास तौर पर अहम साबित हुआ, जो कंपनी की शुरुआत से ही उससे जुड़े हुए थे.

क्या है कंपनी की खास नीति?

कंपनी की एक खास नीति भी है, जिसके तहत नए कर्मचारियों को ज्वाइन करते ही अपने शेयर बेचने की अनुमति नहीं होती. उन्हें एक अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि पूरी करनी होती है. जिसके वजह से इस इवेंट ने पुराने कर्मचारियों को अपनी होल्डिंग्स को कैश में बदलने और इतने बड़े पैमाने पर इतना जबरदस्त आर्थिक फायदा उठाने का पहला मौका दिया.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में आई तेजी का असर अब सिर्फ टेक कंपनियों तक ही सीमित नहीं रह गया है. विदेशों के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है क्योंकि इस सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी अचानक से बहुत ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं.