नई दिल्ली: मोबाइल फोन और SIM कार्ड का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने लोगों को चेतावनी दी है कि मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों से SIM लेना या अपना SIM किसी दूसरे व्यक्ति को देना कानूनी परेशानी में डाल सकता है. नियम तोड़ने पर तीन साल तक की जेल या ₹50 लाख तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं.
IMEI मोबाइल फोन की एक खास पहचान संख्या होती है. दूरसंचार विभाग के अनुसार, IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है. टेलिकम्यूनिकेशन एक्ट 2023 के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है. इतना ही नहीं, गैर-कानूनी गतिविधि में किसी की मदद करने या उसे बढ़ावा देने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है. इसलिए लोगों को ऐसे मोबाइल या डिवाइस से बचने की सलाह दी गई है, जिनके IMEI नंबर में बदलाव किया गया हो.
दूरसंचार विभाग ने फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके SIM कार्ड लेने और अपना SIM किसी दूसरे व्यक्ति को देने या बेचने को लेकर भी चेतावनी जारी की है. अगर कोई व्यक्ति अपना SIM किसी और को देता है और उसका इस्तेमाल गलत काम में होता है, तो SIM उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के लिए भी कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है. इसके अलावा फर्जी Caller ID दिखाने के लिए ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है.
सरकार ने लोगों से मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है. खासतौर पर ऐसे Wi-Fi मॉडेम, SIM बॉक्स या मोबाइल डिवाइस से बचने को कहा गया है जिनमें IMEI के साथ छेड़छाड़ की संभावना हो. अपने मोबाइल की जानकारी जांचने के लिए लोग ‘संचार साथी’ के डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके जरिए मोबाइल का IMEI नंबर वेरिफाई किया जा सकता है और डिवाइस का ब्रांड, मॉडल और निर्माता कंपनी जैसी जानकारी भी देखी जा सकती है.
SIM हमेशा अपने सही दस्तावेजों से लें, अपना SIM किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें और मोबाइल खरीदते समय IMEI जरूर जांचें. सरकार की इस चेतावनी का मकसद मोबाइल और SIM से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाना है.