'2030 तक आम लोगों के लिए अमीर बनने का आखिरी मौका,' एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने की भविष्यवाणी!
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने हाल ही में एक ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने पूरी दुनिया के मिडिल क्लास और निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है.
नई दिल्लीः एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने हाल ही में एक ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने पूरी दुनिया के मिडिल क्लास और निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है. उनका कहना है कि 2026 से 2030 के बीच का समय आम लोगों के लिए अमीर बनने का आखिरी और सबसे बड़ा मौका है.
इंटरनेट से भी बड़ी धन बनाने की मशीन
जेन्सेन हुआंग के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मौजूदा दौर वैसा ही है जैसा 90 के दशक में इंटरनेट का था. उन्होंने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि अगले 5 वर्षों में AI उतने करोड़पति पैदा करेगा जितने इंटरनेट ने पिछले 20 वर्षों में भी नहीं किए. 2026-2030 ही क्यों है 'आखिरी मौका'? हुआंग का तर्क है कि तकनीक अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां आइडिया और एग्जीक्यूशन के बीच की दूरी खत्म हो गई है.
AI क्या है?
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता) एक ऐसी तकनीक है जो मशीनों और कंप्यूटर सिस्टम को इंसानों की तरह सोचने, सीखने, समस्याओं को सुलझाने, निर्णय लेने और भाषा समझने जैसे काम करने में सक्षम बनाती है. यह पहले केवल मानवीय बुद्धिमत्ता से संभव थे, जैसे डेटा का विश्लेषण करके पैटर्न पहचानना, सवालों के जवाब देना और नई सामग्री (टेक्स्ट, इमेज) बनाना.
कोडिंग की जरूरत नहीं
पहले ऐप या वेबसाइट बनाने के लिए प्रोग्रामिंग सीखनी पड़ती थी. अब आप अपनी भाषा में AI को समझाकर कुछ भी बना सकते हैं. हुआंग कहते हैं, "अब हर कोई एक प्रोग्रामर और लेखक है." आज 150 लोगों की एक छोटी सी AI टीम 30 अरब डॉलर की वैल्यू खड़ी कर सकती है. यह लेवरेज पहले कभी नहीं देखा गया. 2030 तक AI पूरी तरह परिपक्व हो जाएगा. जो लोग इस दौरान (2026-2030) अपनी जगह बना लेंगे, वे आने वाले दशकों तक राज करेंगे.
अमीर बनने के 3 'गोल्डन रूल्स'
AI को अपनाएं, डरें नहीं: हुआंग ने चेतावनी दी है कि "AI आपकी नौकरी नहीं लेगा, बल्कि वह व्यक्ति आपकी नौकरी ले लेगा जो AI का इस्तेमाल करना जानता है."
क्रिएटिविटी पर ध्यान दें: अब तकनीक सस्ती है, लेकिन यूनिक आइडिया महंगा है। अपने दिमाग का इस्तेमाल समस्याओं को सुलझाने में करें.
इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश: एनवीडिया खुद 2030 तक ट्रिलियन डॉलर का AI इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने जा रही है. इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और स्किल्स में निवेश करना फायदे का सौदा हो सकता है.
भारत के लिए क्या है खास?
हुआंग भारत के युवाओं और यहां के डेटा को लेकर बहुत उत्साहित हैं. उनका मानना है कि भारत दुनिया का AI हब बन सकता है. रिलायंस और टाटा जैसी कंपनियों के साथ एनवीडिया का करार इसी दिशा में एक बड़ा कदम है.