इंस्टाग्राम यूजर्स हो जाएं अलर्ट, 1.75 करोड़ अकाउंट्स का डेटा हुआ लीक; हैकर्स के हाथ लगी निजी जानकारी

इंस्टाग्राम से जुड़े 1.75 करोड़ यूजर्स का संवेदनशील डेटा लीक होने का दावा सामने आया है. साइबर सुरक्षा फर्म के अनुसार यह जानकारी डार्क वेब पर उपलब्ध है, जिससे ठगी और फिशिंग का खतरा बढ़ गया है.

Gemini AI
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से जुड़े करोड़ों यूजर्स के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है. साइबर सुरक्षा कंपनी मालवेयरबाइट्स ने दावा किया है कि 1.75 करोड़ इंस्टाग्राम अकाउंट्स का निजी डेटा लीक हो गया है. इस डेटा में यूजर्स की पहचान और संपर्क से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं. यह जानकारी पहले ही हैकर फोरम्स पर साझा की जा चुकी है. हालांकि, इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने अभी तक इस कथित डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

मालवेयरबाइट्स ने बताया कि यह मामला उनकी डार्क वेब मॉनिटरिंग के दौरान सामने आया. जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में इंस्टाग्राम अकाउंट्स से जुड़ा डेटा अवैध रूप से ऑनलाइन साझा किया जा रहा है. इसमें यूजरनेम, पूरा नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, आंशिक पते और अन्य संपर्क विवरण शामिल हैं. साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में डेटा का लीक होना यूजर्स की डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.

किस तरह का खतरा हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार लीक हुआ डेटा साइबर अपराधियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है. इसका इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर ठगी, फिशिंग ईमेल भेजने और अकाउंट हैक करने में किया जा सकता है. हमलावर इंस्टाग्राम के पासवर्ड रीसेट सिस्टम का दुरुपयोग कर अकाउंट पर कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं. आम यूजर्स को ऐसे संदिग्ध मैसेज और लिंक से सावधान रहने की सलाह दी गई है.

अगर अकाउंट से छेड़छाड़ हुई हो तो क्या करें

यदि किसी यूजर को इंस्टाग्राम की ओर से सुरक्षा से जुड़ा ईमेल मिला है, तो उसमें दिए गए निर्देशों का तुरंत पालन करना चाहिए. लॉगिन स्क्रीन पर 'Forgotten password' विकल्प चुनकर नया लॉगिन लिंक मंगाया जा सकता है. अगर ईमेल या फोन नंबर तक पहुंच नहीं है, तो इंस्टाग्राम के हेल्प पेज के जरिए सपोर्ट मांगा जा सकता है.

पहचान सत्यापन की प्रक्रिया

इंस्टाग्राम अकाउंट रिकवरी के दौरान यूजर्स से पहचान सत्यापन के लिए जानकारी मांगी जा सकती है. जिन अकाउंट्स में फोटो नहीं हैं, उनसे रजिस्टर्ड ईमेल या फोन और इस्तेमाल किए गए डिवाइस की जानकारी ली जाती है. फोटो वाले अकाउंट्स से वीडियो सेल्फी मांगी जाती है, जिसमें सिर को अलग-अलग दिशाओं में घुमाना होता है. यह वीडियो केवल पहचान के लिए उपयोग होता है और सीमित समय में हटा दिया जाता है.

अकाउंट सुरक्षित रखने के जरूरी कदम

जो यूजर्स अभी भी अपने अकाउंट में लॉगिन कर पा रहे हैं, उन्हें तुरंत पासवर्ड बदलना चाहिए. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना बेहद जरूरी है. ईमेल और मोबाइल नंबर की जानकारी जांच लें और अनजान थर्ड पार्टी ऐप्स की पहुंच हटा दें. साथ ही, अकाउंट्स सेंटर में जाकर किसी भी संदिग्ध लिंक्ड अकाउंट को तुरंत हटाना सुरक्षित रहेगा.

यह मामला एक बार फिर डिजिटल सतर्कता की अहमियत को रेखांकित करता है. सोशल मीडिया पर सक्रिय हर यूजर को अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी.